उन्नाव। विकासखंड सिकंदरपुर करन में बीआरसी पर चल रही प्रशिक्षु टीचरों की ट्रेनिंग में अव्यवस्थाओं के चलते दो प्रशिक्षु महिला टीचरें बेहोश हो गईं। आनन-फानन उन्हें अचलगंज के सीएचसी में भर्ती कराया गया। इससे नाराज प्रशिक्षु टीचर बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां टीचरों ने हंगामा काटने के साथ ही बीईओ मुख्यालय से ट्रेनिंग के दौरान मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
प्राथमिक विद्यालयों में ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद 28 मई से तीन महीने की ट्रेनिंग बीआरसी पर कराई जा रही है। विकासखंड सिकंदरपुर करन के बीआरसी के हाल में 91 प्रशिक्षु टीचरों को दो मास्टर ट्रेेनर (प्रदीप भदौरिया व योगेंद्र सिंह) ट्रेनिंग दे रहे हैं। हाल में पंखे तक की व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं शौचालय भी ऐसा है जिसमें महिला टीचरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जो शौचालय पहले से बना है वह क्रियाशील नहीं है। शौचालय के पास ही वाटर कूलर लगा है इससे वहां यदि पानी पीने जाना हो तो दुर्गंध से लोगों जूझना पड़ता है। यहां तैनात अधिकारी व कर्मचारी तो अपनी प्यास बुझाने के लिए मिनरल वाटर की बोतलें लेकर आते हैं लेकिन यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं का कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
शनिवार को प्रशिक्षण के दौरान ही गर्मी अधिक होने से प्रशिक्षु टीचर ऋचा अग्निहोत्री व अर्चना जायसवाल बेहोश हो गईं। इससे बीआरसी में अफरातफरी मच गई। दोनों को अचलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से नाराज प्रशिक्षु बीएसए कार्यालय पहुंचे और बीईओ मुख्यालय को समस्या बताई।
रख रखाव के लिए साल में आता है 75 हजार रुपये
उन्नाव। बीआरसी पर रखरखाव के लिए प्रति वर्ष 75 हजार रुपये का बजट जारी किया जाता है। इसमें बीआरसी पर जनरेटर की व्यवस्था कराना, टूट फूट सही कराना, पंखे व लाइट की व्यवस्था कराने के अलावा अन्य कार्य शामिल होते हैं। उसके बाद भी जनरेटर चलाना तो दूर लाइट पंखे तक की व्यवस्था नहीं कराई जाती। अंत में बजट बनाकर पैसा पास करा लिया जाता है।
वर्जन
वहां शौचालय व पेयजल की पूरी व्यवस्था है। शौचालय कुछ गंदा है। इसके लिए चपरासी से बोला गया है कि स्वीपर को बुलाकर साफ कराया जाए। जो प्रशिक्षु टीचर बीमार हुई हैं उनका भी हालचाल लिया गया है। उनकी हालत भी ठीक है। - ऊषा शुक्ला, एबीएसए
एबीएसए को व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था में सुधार होगा। - राजेश सिंह, बीईओ मुख्यालय