बांगरमऊ नगर की सड़कों में फैला पड़ा कूड़ा ।
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बांगरमऊ(उन्नाव)। नगर पालिका परिषद में संविदा सफाईकर्मी पिछले तीन माह से मानदेय न मिलने से हड़ताल पर हैं। इससे नगर में कूड़ा उठान ठप हो गया है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया है। सफाई न होने की वजह से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़क किनारे मृत मवेशियों के शव तक नहीं उठाए जा रहे हैं जिससे दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
बुधवार को संविदा सफाई कर्मियों ने तीन महीने से मानदेय न मिलने के कारण ईओ बांगरमऊ मीनू सिंह को ज्ञापन सौंपा था। जिस पर दो दिन में मानदेय देने की बात कही गई थी। हालांकि समयावधि बीत जाने के बाद भी जब मानदेय नहीं मिला तो सफाई कर्मियों ने हड़ताल कर दी। त्योहार होने के कारण मानदेय न मिलने से सफाई कर्मियों में रोष व्याप्त है। हड़ताल पर बैठे संविदाकर्मियों का कहना है कि अधिकारियों के निर्देश मिलने पर दिन-रात मेहनत कर नगर की सफाई की है। त्योहार होने पर भी तीन महीने से रुका मानदेय नहीं दिया जा रहा है। ईओ ने दो दिन में मानदेय देने की बात कही थी लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
क्या कहते हैं लोग
सेवानिवृत्त शिक्षक हामिद अली ने बताया कि बकरीद एवं रक्षाबंधन के पावन पर्व पर नगर की सफाई व्यवस्था पंगु हो जाने के कारण भीषण गंदगी फैल रही है। नगर पालिका प्रशासन को जल्द सफाई व्यवस्था करानी चाहिए। क्षेत्र निवासी प्रवीण अग्निहोत्री ने कहा कि कोरोना योद्धाओं का मानदेय न दिया जाना नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता एवं मनमानी को दर्शाती है। पालिका प्रशासन सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का निदान कर नगर की सफाई व्यवस्था को सुचारु करे। बागंरमऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष रविकांत गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के कारण नगर एवं यहां की मुख्य बाजार नौनिहालगंज की सफाई व्यवस्था हड़ताल के कारण पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस कारण नागरिकों एवं बाजार के दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पालिका परिषद के पूर्व सभासद अंजर अहमद ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगर में व्याप्त भीषण गंदगी से आम नागरिकों का जीना मुश्किल हो रहा है और संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने लगा है।
जिम्मेदार बोले
नगर पालिका परिषद ईओ मीनू सिंह ने बताया कि आर्यन ग्रुप के अंतर्गत मात्र 84 सफाई कर्मचारी ही कार्यरत हैं जबकि 51 कर्मचारी कार्यरत नहीं है। बताया कि बिना किसी नोटिस या मांग पत्र के यह कर्मचारी अवैधानिक तरीके से अचानक हड़ताल पर चले गए हैं। बताया कि नगर में अपने 65 कर्मचारियों को लगाकर सफाई शुरू करा दी है। राज्य वित्त से पैसा आते ही सभी 84 सफाई कर्मियों के मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।