सीएम की रथयात्रा के चलते लखनऊ से कानपुर तक सभी रूटों पर सवारी वाहनों का निकलना पूरी तरह बंद रहा। रूट बंद होने से जिले व अन्य जिलों में व्यापार व नौकरी पर जाने वाले लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वाहनों के न चलने से ट्रेनें ही लोगों के आवागमन का सहारा बनीं। इससे आम दिनों में खाली जाने वाली ट्रेनें भी फुल हो गईं। लोगों ने सुपर फास्ट की टिकट लेने के बाद भी पैसेंजर ट्रेनों में सफर किया। स्लीपर कोच भी आम यात्रियों से फुल रहे। वहीं उन्नाव जंक्शन पर हाल यह रहा कि जैसे ही किसी ट्रेन के आने का अलाउंस होता यात्री प्लेटफार्म व ट्रैक पर खड़े हो जाते थे। पांच ट्रेनों के निरस्त होने से और बढ़ी परेशानी गुरुवार को कानपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली चार लखनऊ-कानपुर मेमू (एलकेएम) ट्रेनें भी रद्द थीं। इससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई थी। गुरुवार को रद्द होने वाली एलकेएम ट्रेनों में ट्रेन संख्या-64207, ट्रेन संख्या-64209, ट्रेन संख्या-64212 व ट्रेन संख्या-64252 शामिल रहीं। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा समय में लखनऊ से कानपुर के बीच कई स्थानों पर मरम्मत का काम चल रहा है इसी कारण से इन ट्रेनों को रद्द किया गया है। सवारी वाहन न होने से भटकते रहे लोग शहर में सवारी गाड़ियों के न चलने से लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ा। जिले के जिन क्षेत्रों में ट्रेनों का संचालन नहीं होता है और सवारी गाड़ियों के बंद होने से लोग शहर में जगह-जगह पर बने स्टाप पर बैठे रहे। लोगों को जो भी साधन मिलता था उसका ही सहारा लेकर अपने गंतव्य तक जाने का प्रयास करते रहे। वहीं अन्य जिलों से जिले में नौकरी करने को आने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं व अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी कई किलोमीटर तक का सफर पैदल चलकर पूरा करना पड़ा।