फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही के कारण डेंगू पर नही कस रहा शिकंजा

Sat, 22 Oct 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
medical - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
35 केसों में प्रतिरक्षण व रोकथाम संबंधी एक्टीविटी कराई जा चुकी है। जिला मलेरिया विभाग की टीमों ने डेंगू प्रभावित इलाकों में अभियान चलाकर एडीज मच्छरों को नष्ट किया। इस दौरान कई जगह लोगों की लापरवाही भी सामने आई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जानलेवा डेंगू से बचने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी लोग सजग नहीं हैं। बताया कि ज्यादातर घरों में कूलर बंद हो गए, इसके बाद भी पानी न  निकाले जाने से डेंगू के लार्वा पैदा हो गए। यह लार्वा एक साथ कई घरों में लोगों को चपेट में ले सकते हैं।
विज्ञापन


लार्वा एक साथ कई लोगों को कर सकते थे बीमार
सफीपुर कस्बा निवासी राकेश की पत्नी सुनीता डेंगू की चपेट में आई तो स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने उनके घर पहुंची। घर में रखे गमले, छत पर रखा कबाड़ से लेकर वह सभी स्थान तलाशे जहां जल जमा की आशंका थी। घर के कूलर चेक किया गया तो कूलर में भरे पानी में एडीज एजीप्टाई मच्छर के इतने करीब दर्जन भर लार्वा मिले। यह मच्छर बनकर पूरे घर और आसपास के लोगों को  बीमार कर सकते थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लार्वा नष्ट किए और सावधानी बरतने की सलाह दी।
कोतवाल में मिली गंदगी, सिपाही जानलेवा बीमारी की चपेट में आए
बांगरमऊ कोतवाली परिसर में सिपाहियों को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया। एक साथ सात सिपाहियों के बीमार होने की सूचना पर एसपी ने डीएम से बात की तो बांगरमऊ समेत सभी पुलिस थानों और चौकियों में स्वास्थ्य विभाग की टीम को फागिंग व कीट नाशकों के छिड़काव के निर्देश दिए गए। मलेरिया विभाग की टीम बांगरमऊ कोतवाली पहुंची तो वहा कूलर और आस-पास भरे पानी में डेंगू के फैलाने वाले मच्छर और लार्वा मिले। टीम ने यहां की सफाई कराने के साथ ही परिसर में फागिंग कराई थी।
विज्ञापन

गमलों व कबाड़ में भरे पानी में मिले लार्वा
डेंगू रोग से शुक्लागंज एक साथ दो मरीजों की पहचान होने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित मरीजों के घर पहुंचकर फागिंग कराई गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यहां गमला से लेकर टायर तक में लार्वा पलते मिले थे। जिस पर पानी को खाली कराने के साथ ही दवा का छिड़काव किया गया। और परिवार के साथ ही आसपास के लोगों को इससे सचेत रहने की जानकारी दी गई।
समितियां जिम्मेदारी समझें तो बने बात
ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था व ग्रामीणों को सफाई के प्रति जागरुक करने के लिए ग्राम स्वच्छता पोषण समितियों का गठन किया गया है। हर साल इन समितियों को हर साल प्रति ग्राम पंचायत दस हजार रुपये दिया जाता है। समिति के सदस्य ग्राम प्रधान व आशा बहूए एएनएम की जिम्मेदारी है कि वह इस बजट से फागिंग मशीन खरीद कर दवा का छिड़काव करें और साथ ही लोगों को सफाई का महत्व बताएं।
सबको होना होगा जागरूक, तभी मिलेगी निजात
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. केके अवस्थी ने बताया कि अगस्त माह से 15 नवंबर तक डेंगू का संक्रमण काल होता है। इस दौरान डेंगू के मरीज सबसे ज्यादा मिलते हैं। उन्होंने बताया कि हम सभी लोग सफाई के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें तो इस रोग से बच सकते हैं। बताया कि घर के किसी हिस्से और आसपास पानी नहीं एकत्र होना चाहिए। बताया कि डेंगू के मच्छर साफ व ठहरे हुए पानी में पनपते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें