उन्नाव। कुलदीप सेंगर प्रकरण में उनके भाई की पिटाई से घायल हुए दुष्कर्म पीड़िता के पिता (अब मृतक) का मेडिकल करने वाले जिला अस्पताल के डॉ. प्रशांत उपाध्याय की सोमवार सुबह बीमारी से मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफेड़े, लीवर, किडनी समेत शरीर के अन्य अंग खराब होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने मौत की वजह सेप्टिसीमिया बताई है। 3 अप्रैल 2018 को पिटाई से घायल दुष्कर्म पीड़िता के पिता का इमरजेंसी वार्ड में मेडिकल करने के दौरान हंसते हुए वीडियो वायरल होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। वह आठ महीने पहले बहाल हुए थे। वह सीबीआई के गवाहों में भी शामिल थे।
लखनऊ के राजाजीपुरम के मूल निवासी डॉ. प्रशांत उपाध्याय वर्ष 2010 में अंडर सीएमओ तैनात हुए थे। तीन साल पहले वह जिला अस्पताल में ईएमओ (इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर) के पद पर तैनात हुए थे। जिला अस्पताल में तैनाती के दौरान ही शहर के मोहल्ला मोतीनगर में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। 3 अप्रैल 2018 की रात कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने साथियों के साथ मिलकर दुष्कर्म पीड़िता के पिता को पीटा था। जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण करने के दौरान डॉ. प्रशांत उपाध्याय का हंसते हुए वीडियो वायरल होने पर वह चर्चा में आए थे। इसपर उन्हें निलंबित कर दिया था।
डॉक्टर प्रशांत, कुलदीप सेंगर प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई के गवाहों में भी शामिल थे। उन्हें दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में बयान देने भी जाना पड़ा था। 8 माह पहले वह बहाल हुए और उनकी तैनाती फतेहपुर के जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हुई थी। स्वास्थ्य खराब होने से वह कुछ दिन से अस्पताल नहीं जा पा रहे थे। सोमवार सुबह 10 बजे अचानक शहर के मोतीनगर मोहल्ला स्थित आवास पर उनकी हालत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ होने पर पत्नी गरिमा ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
डॉ. प्रशांत उपाध्याय के शव का दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉ. अमित श्रीवास्तव और विशाल भगत थे। डॉ. अमित के अनुसार डॉ. प्रशांत को कई बीमारियां थी। चेस्ट और पेट में पानी भी मिला है। उन्हें शुगर, बीपी होने के साथ चेस्ट में इंफेक्शन था। फेफड़े में पस भी मिला है। किडनी भी खराब थीं। बताया कि प्रशांत ने उनके साथ ही ईएमओ ड्यूटी भी की। ड्यूटी के दौरान ही वह बीमारी की दवा खा रहे थे।
डॉ. प्रशांत उपाध्याय की मौत पर बिलख रही पत्नी गरिमा ने बताया पिछले दो साल से पति बीमार चल रह रहे थे। लीवर व किडनी के साथ ब्लड प्रेशर व शुगर की समस्या से वह परेशान थे। लगातार इलाज भी चल रहा था। कुलदीप प्रकरण के बाद से वह तनाव में भी थे। बताया कि कार में अधिक देर तक बैठने से उनके पैरों में सूजन आ जाती थी। सोमवार सुबह लगभग 10 बजे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
प्रशांत दो भाइयों में बड़े थे। सोमवार सुबह उनकी मौत की सूचना पर छोटा भाई निशांत उपाध्याय जिला अस्पताल पहुंचा और शव देख बिलख पड़ा। पत्नी गरिमा बेटे विहान को गले से लगाकर सिसकती रहीं। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।
डॉक्टर प्रशांत उपाध्याय की मौत से स्वास्थ्य महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। जिला अस्पताल के समस्त स्टॉफ ने एक साथ मौजूद होकर दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। सीएमओ कार्यालय से एसीएमओ आरके गौतम, स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी लालबहादुर यादव समेत अन्य स्टॉफ के लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचकर दुखी परिजनों को ढांढस बंधाया।