कटरी के गांवों में दहक रहीं शराब की भट्ठियां
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कटरी के गांवों में दहक रहीं शराब की भट्ठियां और गांव से लेकर खेत खलिहानों तक सजीं कच्ची शराब की दुकानें चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था में खलल डाल सकती हैं। कच्ची शराब बनाने और बिक्री रोकने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर पुलिस और आबकारी विभाग ने धरपकड़ की कार्रवाई तेज की है।
कच्ची की बढ़ती खपत ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव के दौरान तनाव और आपसी संघर्ष का कारण भी बन सकती है। जिले में गंगा कटरी क्षेत्र और सई नदी के किनारे के गांवों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब का धंधा होता है। धंधे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिले में हर महीने एक लाख लीटर से अधिक कच्ची शराब बनती और खपती है। अवैध शराब के कारोबार को नकारते चले आ रहे आबकारी और पुलिस विभाग की कार्रवाई ही उनके दावों को झुठला रही है। आबकारी विभाग ने एक साल में जिले में 6367 छापे मारे, 531 मुकदमे दर्ज किए और 19385 लीटर अवैध शराब पकड़ी। अवैध कारोबार करने वाले 152 लोगों को जेल भेजा।
एक महीने में 2040 लीटर पकड़ी
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद डीएम देवेंद्र पांडेय के निर्देश पर चलाए गए अभियान में इस महीने 860 स्थानों पर छापे मारकर 2040 अवैध शराब बरामद की गई। 78 मुकदमे दर्ज हुए और 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि कच्ची के धंधे पर कोई असर नहीं पड़ा।
लगातार चल रहा अभियान
जिला आबकारी अधिकारी केके शुक्ला ने बताया कि अवैध कच्ची शराब, नकली, मिलावटी और गैर प्रांतों की शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जिले में बड़े पैमाने पर कार्रवाई भी हुई है। जिले में अवैध शराब बनने और बिकने नहीं दी जाएगी।