उन्नाव। हिलौली विकासखंड में इस्टीमेट ज्यादा और मौके पर कम काम कराकर मनरेगा की राशि निकालने का मामला पकड़ा गया। वहीं हसनगंज के खानपुर सुरौली में तैनात पंचायत सचिव ने एक ही आवास कई लाभार्थियों के नाम आवंटित करके धनराशि का हेरफेर किया। प्रशासन ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
हिलौली की ग्राम पंचायत गुलरिहा की वर्ष 2019-20 की कार्ययोजना में ककरारीखेड़ा की पक्की सड़क से 900 मीटर कृषि निवेश पहुंच मार्ग स्वीकृत था। इस्टीमेट में 1,93,115 रुपये का खर्च आंका गया। मनरेगा से 972 मानव दिवस सृजित होने थे। मार्ग निर्माण में 1953 घन मीटर कार्य होना था। प्रधान संगीता सिंह, सचिव व तकनीकी सहायक ने पूरा काम दिखाकर पूरे रुपये निकाल लिए।
संग्रामखेड़ा के अरुण प्रताप सिंह की शिकायत पर उपायुक्त स्वत: रोजगार व डीआरडीए सहायक अभियंता की जांच में 1285.2 घन मीटर कार्य पाया गया। पता चला कि प्रधान, सचिव, टीए ने 667.80 घन मीटर का दिखाकर 57300 रुपये का दुरुपयोग किया। डीएम रवींद्र कुमार ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वहीं सचिव व तकनीकी सहायक से अलग-अलग वसूली के लिए जिला विकास अधिकारी व मनरेगा उपायुक्त को निर्देश दिए हैं। उपायुक्त मनरेगा राजेश झा ने तकनीकी सहायक गोपाल कृष्ण पांडेय को नोटिस जारी करके 19100 रुपये की धनराशि का बैंक ड्राफ्ट जमा करने के आदेश दिए हैं। प्रधान का जवाब संतोषजनक न मिलने पर वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर त्रिस्तरीय समिति गठित की जाएगी।