औरास थानाक्षेत्र में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर शनिवार दोपहर गहाखेड़ा गांव के पास तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। जबरदस्त टक्कर में कार के परखचे उड़ गए। कार सवार बरेली निवासी दो सगे भाईयों की मौत हो गई। दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने कार में फंसे शवों को बाहर निकाला। घटनास्थल पर मिले मोबाइल से पुलिस ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी।
बरेली के राजेंद्र नगर मोहल्ला निवासी फकीरचंद्र मौर्य के बेटे आशुतोष (26) व पारितोष (30) दिल्ली की मयूर बिहार कॉलोनी में रहते थे। आशुतोष इंजीनियर था जबकि पारितोष बरेली मेडिकल कालेज में फार्मासिस्ट था। शनिवार सुबह दोनों भाई किसी काम से लखनऊ आए थे और दोपहर बाद कार से अपने घर बरेली जा रहे थे। थानाक्षेत्र के गहाखेड़ा गांव के पास कार अनियंत्रित होकर पुलिया के डिवाइडर से टकरा गई। कार में आगे बैठे दोनों भाइयों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों की सूचना पर औरास थानाध्यक्ष संजय पांडेय मौके पर पहुंचे। कार में मिले मोबाइल व मृतक की जेब से मिले विजिटिंग कार्ड से पुलिस को मृतकों के घर का पता व मोबाइल नंबर की जानकारी हुई। पुलिस ने मृतकों के पिता को घटना की जानकारी दी। दो बेटों की मौत से घर में कोहराम मच गया। पता फकीरचंद्र मौर्य बरेली कलक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे किसी काम से लखनऊ गए थे और वहां से लौटकर बरेली आ रहे थे।
टक्कर इतनी तेज कि टूट गया कंक्रीट का डिवाइडर
औरास थानाध्यक्ष संजय पांडेय ने बताया कि हादसे के वक्त कार काफी तेज रफ्तार में रही होगी। क्योंकि टक्कर से डिवाइडर की करीब चार फीट सीमेंट की दीवार टूट गई। बताया कि जिस कार में दोनों भाई थे व हांडा एमेज है।
उन्होंने बताया कि दोनो भाई सीट बेल्ट लगाए थे। शवों को बाहर निकालने में पेट में कसी सीट बेल्ट को काटना पड़ा। उन्होंने बताया कि अगर एयर बैग खुले होते तो शायद जान बच जाती। पुलिस के अनुसार कार में एयर बैग नहीं हैं या फिर वह खुले नहीं यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा। पुलिस कार का दाहिना टायर फटने से हादसे का अंदेशा जताया है।