उन्नाव। नोडल अधिकारी के निरीक्षण में जिला महिला अस्पताल की कलई खुलकर सामने आ गई। निरीक्षण के दौरान उन्हें प्रसूताओं की बीएचटी में पूरी इंट्री नहीं मिली। बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए वार्ड में रखा इंक्यूवेटर भी वार्मर रूम प्रभारी नहीं चला पाए। नवजात में गर्मी पैदा करने के लिए वार्ड में रखे रेडियंट वार्मर में कितने बच्चों को रखा गया इसका भी लेखा जोखा उन्हें नहीं मिला। इस पर उन्होंने महिला सीएमएस को फटकार लगाई और सुधार के निर्देश दिए। वहीं, बिना सूचना के चीफ फार्मेसिस्ट के अनुपस्थित रहने पर वेतन काटने के भी निर्देश दिए।
जिले के नोडल अधिकारी व आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद धीरज साहू सुबह 10.49 पर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पुरुष अस्पताल के वार्डों को निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई व्यवस्था देखी और मरीजों से भोजन व दवाओं की जानकारी ली। पुरुष अस्पताल की व्यवस्था देखकर वह संतुष्ट दिखे। उसके बाद वह महिला अस्पताल पहुंचे। यहां नोडल अफसर ने वार्ड में भर्ती पावा निवासी प्रसूता प्रतिभा से बातचीत की। प्रसूताओं को दिए जाने वाले दूध व दवाओं के बारे में पूछा।
साथ ही जननी सुरक्षा योजना के तहत खाते में भेजे जाने वाली धनराशि की जानकारी ली। प्रतिभा ने बताया कि उसका खाता बैंक में नहीं खुला है। इस कारण अभी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस पर नोडल अफसर ने सीएमएस को निर्देश दिए कि एएनएम व आशा के माध्यम से प्रसूताओं के खाते बैंक में खुलवाए जाएं, ताकि शासन की ओर से मिलने वाली धनराशि उन्हें आसानी से उनके खाते में जा सके।
यहां उन्होंने माखी निवासी शिवानी की बीएचटी देखी तो वह पूरी नहीं मिली। महिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद नोडल अफसर ने पुरुष अस्पताल के दवा कक्ष का निरीक्षण किया। साथ ही दवा ले रहे लोगों से बातचीत भी की। दवा वितरण रजिस्टर भी देखा। निरीक्षण के दौरान डीएम सौम्या अग्रवाल, सीडीअो संदीप कौर, सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी, सीएमओ डॉ. गीता यादव आदि मौजूद रहीं।