उन्नाव। बेसिक शिक्षा विभाग में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) की चयन प्रक्रिया में जिम्मेदारों ने अलग-अलग नियम अपनाए। इससे शिक्षकों में नाराजगी है। एक ही ब्लॉक के दो शिक्षिकों का वेतन रुका होने के बाद भी उन्हें परीक्षा में शामिल किया गया। बीईओ की रिपोर्ट का हवाला देकर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
नगर और जिले के 16 ब्लॉकों में पांच-पांच के हिसाब से कुल 85 एआरपी की तैनाती होनी है। इनमें 26 चयन हो चुका है जबकि 59 के चयन के लिए 15 अप्रैल को डायट में परीक्षा हुई थी। इसमें नवाबगंज ब्लॉक के निधानखेड़ा प्राथमिक स्कूल के सहायक शिक्षक मदन पांडेय और दिलवल प्राथमिक स्कूल के प्रधान शिक्षक सुनील कुमार भी शामिल हुए थे।
इन दोनों शिक्षकों का वेतन रुका होने से बीईओ दीपेश कुमार ने बीएसए को पत्र लिखा था कि उनकी संस्तुति के बिना ही सूची में इन शिक्षकों के नाम शामिल कर दिए गए। यह भी बताया कि एआरपी आवेदन फार्म भरे जाने की अंतिम तिथि 18 मार्च थी। इसी तिथि तक वेतन बहाली का कोई आदेश कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ था, न ही दोनों शिक्षकों के आवेदन फार्म पर उनकी संस्तुति थी। वहीं, इसी ब्लॉक में तैनात राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका स्नेहिल पांडेय का एक दिन का वेतन रुका था। उन पर हुई कार्रवाई के कारण उन्हें अपात्र बताकर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। उन्होंने बीईओ से इसकी शिकायत की है।
क्या बोले जिम्मेदार
वेतन अवरूद्ध की कोई कार्रवाई नहीं होती, शिक्षक परीक्षा में बैठ सकते हैं। परीक्षा के लिए बीईओ की संस्तुति नहीं थी। परीक्षा का अधिक समय नहीं बचा था, शिक्षकों का नुकसान न हो इसलिए उनके सीधे सूची में नाम दर्ज किए गए। तीसरी शिक्षिका आवेदन क्यों नहीं कर पाईं, इसको दिखवाया जाएगा।
- संगीता सिंह, बीएसए
एआरपी में किसी अपात्र शिक्षक का नियम विरुद्ध चयन नहीं किया जाएगा। परीक्षा हुई है, अभी रिजल्ट आना शेष है, जांच के बाद ही चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- अमिता सिंह, डायट प्राचार्य