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जिला अस्पताल में डायरिया से तीन और मौतें

Tue, 03 May 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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हेल्थ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को डायरिया से पीड़ित तीन महिलाओं की जिला अस्पताल में इलाज दौरान मौत हो गई। एक ही परिवार के दो बच्चों समेत 12 लोगों का इलाज चल रहा है। ज्यादातर बच्चे और वृद्ध बीमारी की चपेट में है। कुछ हीट स्ट्रोक के मरीजों को भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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रविवार को उल्टी-दस्त होने पर सफीपुर परियर के मोहल्ला जानकीगंज निवासी रामसागर की पत्नी शांति (65) कसबा सफीपुर की माया (60) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी के साथ अचलगंज के चौसंधा गांव के शिवाकांत ने डायरिया से हालत बिगड़ने पर पत्नी सन्नो (50) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सोमवार को तीनों महिलाओं की मौत हो गई। एक के बाद एक तीन मौतों से अस्पताल में कोहराम मचा रहा। हालत यह है कि दो दिन में डायरिया वह हीटस्ट्रोक से बीमार हुए 40 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मरीजों का आना लगातार जारी है।सोमवार को 12 और मरीजों को अस्पताल लाया गया। जिनमें अधिकांश बच्चे और वृद्ध हैं। भर्ती लोगों में हुसैन नगर निवासी राजा का बेटा नितिश (2), हड़हा के तैदिल का बेटा काशिफ (4), बीघापुर के भुगैता निवासी जयहिंद (4), शहर के शांतिनगर निवासी रामलाल (53), मोहल्ला पुरानी बाजार निवासी नवीस (8), सिंगरोसी निवासी अंजली (15), ईदगाह निवासी राकेश (40), बीघापुर कसबा निवासी रामजी (90), सरोसी निवासी समर (8), सिंगरोसी निवासी स्वाती (6) माह, मांखी के दबौली गांव निवासी माया (20), शहर के  मोहल्ला लोकनगर निवासी शिवानी (2) शामिल हैं। गर्मी के चलते बढ़ी बीमारी और जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या से बेड कम पड़ गए। बच्चों को एक बेड पर दो-दो भर्ती किए जा रहे हैं वहीं पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग से फोल्डिंग डलवाई गई हैं।
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डायरिया पीड़ित बच्चों को मिली गंदी चादरें
जिले में डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। डायरिया के बढ़ते प्रकोप के बीच अस्पताल में मरीजों के लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है। बेड की गंदी चादरों को बिना बदले मरीजों को लिटा दिया जाता है। ऐसे में बच्चों की क्या हालत हो रही होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। वार्ड में लाइट जाने के बाद हाथ का पंखा मरीजों का सहारा बना है। कूलर तो फिट किए गए पर अभी तक चले नहीं।
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डायरिया के लक्षण
कंपकंपी उल्टी या बेहोशी आना। बार बार प्यास लगना। तेज बुखार होना। पेट में दर्द। थका हुआ व कमजोर महसूस करना।

उपचार-
- डायरिया की चपेट में आने पर दूध व डेयरी उत्पाद से दूर रहें।
- दिन में कम से कम 10 ग्लास पानी पीएं।
- कम फाइबर वाले खाने का प्रयोग करें।
- साफ सफाई का विशेष तौर पर ध्यान दें।
- अधिक परेशानी होने पर चिकित्सक की फौरन मदद ले।

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इलाज में देरी हुई तो जा सकती है जान
जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डा. आलोक पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में डायरिया, हीट स्ट्रोक से बीमार होने वालों की संख्या अधिक हो रही है। उनकी सलाह है कि किसी को भी उल्टी-दस्त, चक्कर आना, कमजोरी होना, बुखार आने पर लापरवाही न बरतें। तुरंत नजदीकी पीएचसी या सीएचसी में इलाज कराएं और जरूरत पड़े तो जिला अस्पताल लाएं। उन्होंनेे बताया कि लोग मामूली बीमारी समझकर मेडिकल स्टोर से दवा और झोला छाप से इलाज कराते हैं और सही इलाज न ्िमलने पर जब मरीज की हालत बिगड़ जाती है तो अस्पताल लाते हैं। शरीर में पानी की कमी से मरीज की मौत हो जाती है।
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