उन्नाव। कानपुर से शनिवार रात लौट रहे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का काफिला लखनऊ-कानपुर हाईवे पर आजाद मार्ग चौराहे पर लगे जाम में फंस गया। चौराहे पर पुलिस कर्मी नदारद थे। वायरलेस से सूचना एसपी तक पहुंची तो वह खुद जाम खुलवाने पहुंच गए। एसपी ने अचलगंज थानाध्यक्ष की लोकेशन ली तो उनकी मौजूदगी थाने में मिली। इस पर तत्काल प्रभाव से उन्हें अचलगंज से हटाकर साइबर थाने भेज दिया गया।
स्नातक एमएलसी अरुण पाठक के भाई अरविंद पाठक की बीमारी से मौत के बाद शनिवार को कानपुर स्थित आवास पर तेरहवीं संस्कार का कार्यक्रम था। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक उसी में शामिल होने गए थे। शनिवार रात करीब 11 बजे वह हाईवे के रास्ते कानपुर से लखनऊ लौट रहे थे। इसी बीच लखनऊ लेन पर आजाद मार्ग चौराहे पर जाम लगा था। उसमें डिप्टी सीएम का काफिला फंस गया। जाम खुलवाने को वहां पर कोई भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था। उपमुख्यमंत्री के स्कार्ट से सूचना उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो आनन फानन एसपी जयप्रकाश सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सिपाहियों को लगाकर जाम खुलवाया। इसके बाद रात करीब 11.30 बजे डिप्टी सीएम का काफिला लखनऊ निकल पाया। एसपी ने अचलगंज थानाध्यक्ष राजेश पाठक की लोकेशन ली तो वह थाने में मौजूद मिले। इस पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें वहां से हटाकर साइबर थाने भेज दिया। साइबर थाना प्रभारी रहे ब्रजेश शुक्ला को अचलगंज का थानाध्यक्ष बनाया। एएसपी अखिलेश सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक खुद जाम खुलवाने गए थे और एसओ थाने में बैठे थे। इसलिए उन्हें वहां से हटाकर साइबर थाने भेजा गया है।