उन्नाव। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या के मुकदमे में तिहाड़ जेल में दस साल की सजा काट रहे एक दोषी की जमानत हो गई।
उस पर अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न का मुकदमा उन्नाव न्यायालय में विचाराधीन होने से दिल्ली पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची। आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की। न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की है। उसे उन्नाव कारागार भेजा गया है।
माखी थाना क्षेत्र के सराय थोक निवासी पुत्तीलाल ने वर्ष 2019 में गांव के सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप सिंह पर नाबालिग पुत्र अतुल कुमार को मारपीट कर लहूलुहान करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुत्तीलाल का आरोप था कि उसका बेटा अतुल कुमार गांव में सलिल कुमार के बाग में लकड़ी बीनने के लिए गया था।
वहां सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप सिंह साथियों के साथ शराब पी रहा था। उसने बेटे पर मोबाइल फोन चोरी का आरोप लगाते हुए उसको मारापीटा।
थाना पुलिस ने दर्ज मुकदमे की विवेचना कर आरोपी सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप सिंह के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। उधर, आरोपी सुमन सिंह को पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के पिता से मारपीट और हत्या की घटना में दिल्ली की 30 हजारी कोर्ट ने मार्च 2020 में 10 साल जेल और जुर्माना की सजा सुनाई थी।
वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहा था। करीब साढ़े पांच साल की सजा काटने के बाद कुछ दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मंजूर हुई थी लेकिन सुमन सिंह उर्फ शशि प्रताप सिंह पर उन्नाव जिला एवं अपर सत्र न्यायालय की एससी/एसटी कोर्ट में एक अन्य मुकदमा विचाराधीन होने से वह जेल से छूट नहीं पाया।
आरोपी के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी दाखिल की थी जिसपर शुक्रवार को सुनवाई तय हुई थी। दिल्ली पुलिस शुक्रवार को आरोपी को लेकर उन्नाव कोर्ट पहुंची। न्यायाधीश ममता सिंह ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की है। आरोपी को उन्नाव जेल भेजा गया है।