पाटन (उन्नाव)। जलाकर मारी गई सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों ने रायबरेली और उन्नाव में चल रहे मुकदमों की सुनवाई एक ही न्यायालय में किए जाने के लिए हाईकोर्ट में पिछले दिनों याचिका दायर की थी। शुक्रवार को मृतका की बहन व भाई अपने वकील को जरूरी कागजात देने के लिए पुलिस अभिरक्षा में लखनऊ गए।
बीती 5 दिसंबर को बिहार थानाक्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता पर जानलेवा हमले और मौत से संबंधित मुकदमे की सुनवाई उन्नाव फ ास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है। जबकि इस घटना से करीब एक वर्ष पूर्व हुए सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा रायबरेली जिला न्यायालय में विचाराधीन है। दो अलग-अलग जनपदों में चल रहे मुकदमों की पैरवी कर पाने में परेशानी होने और आने-जाने के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से मिल रही धमकियों के कारण पीड़िता की बहन व भाई ने जान का खतरा की आशंका जताई थी। मृतका की बहन ने दोनों मुकदमों की सुनवाई एक ही न्यायालय में करने की मांग करते हुए कुछ दिन पहले लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
पीड़िता के भाई व बहन ने वकील को जरूरी कागजात देने के लिए पुलिस से गुरुवार को लिखित अनुमति मांगी थी। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को पुलिस सुरक्षा में लखनऊ जाकर हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई के लिए आवश्यक कागजात अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में जमा किए। मृतका के घर वालों का कहना है कि दोनों मुकदमों की सुनवाई एक ही न्यायालय में होने पर दौड़भाग नहीं करनी पड़ेगी और सुनवाई में भी तेजी आएगी।