मृत अधिवक्ता नितिन तिवारी का फाइल फोटो।
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मौरावां। दो दिन पहले तिसंधा गांव की मोड़ पर हत्या कर फेंके गए शव की पहचान लखनऊ निवासी वकील के रूप में हुई है। लखनऊ की कैसरबाग व मौरावां पुलिस ने पहचान होने और परिजनों के शक के आधार पर दो आरोपी भाइयों को गिरफ्तार किया है। वकील के तानों से तंग आकर आरोपियों ने दीवार में कई बार वकील का सिर लड़ाकर व गमछे से गला घोटकर हत्या कर शव फेंकने की बात स्वीकार की है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
कालूखेड़ा-असरेंदा मार्ग पर तिसंधा गांव की मोड़ पर सुखराम के खेत में 28 मार्च को 45 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ था। गांव के पूर्व प्रधान छविनाथ की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने शव की पहचान के लिए सीमावर्ती जिलों के थानों में मृतक की फोटो भेजते हुए सोशल मीडिया पर भी वायरल की थी।
फोटो के आधार पर लखनऊ के कैसबाग थाना क्षेत्र के मकबूलगंज निवासी मयंक तिवारी ने सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान बड़े भाई अधिवक्ता नितिन तिवारी के रूप में की। उसने मौरावां पुलिस को बताया कि 27 मार्च को उसने बड़े भाई नितिन तिवारी की गुमशुदगी लखनऊ के कैसरबाग थाना में दर्ज कराई थी। मौरावां पुलिस ने कैसरबाग थाना पुलिस से संपर्क कर मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच शुरू की।
सीओ पुरवा रघुवीर सिंह ने बताया कि मृतक की कॉल डिटेल के आधार पर 29 मार्च को सैनिक नगर तेलीबाग लखनऊ में दबिश देकर विपिन कुमार अग्रवाल व उसके भाई प्रवीण कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। दोनों आरोपियों ने बताया है कि तीन वर्ष से वकील उन्हें बेवजह परेशान कर रहा था। घर की महिलाएं खाटू श्याम की भक्त हैं।
उन्हें नास्तिक बता आस्तिक होने का ढोंग करने की बात कहता था। 27 मार्च रात नितिन तिवारी ने उन्हें फोन किया और घर पर आकर धमकाया। गुस्से में आकर उन्होंने वकील का सिर दीवार में कई बार लड़ाकर उसे बेहोश कर दिया और गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी।