फतेहपुर चौरासी। राजगीर मिस्त्री का क्षत-विक्षत शव गंगा रेती में मिला। कुत्तों के हमले से मौत की चर्चा से खलबली मच गई। जानवर उसका एक पैर और कमर का मांस नोच कर खा गए थे। पोस्टमार्टम में हृदयगति रुकने से मौत की पुष्टि हुई।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के भवानीखेड़ा निवासी भैरव प्रसाद ( 55) राजमिस्त्री था। वह कानपुर में काम करने जाता था और कई-कई दिन बाद लौटता था। रविवार सुबह वह काम के लिए निकला था। सोमवार सुबह उसका शव गांव से आठ किलोमीटर दूर गंगा नदी के बंदीमाता घाट के सामने रेती में मिला। शव को जंगली जानवर नोच रहे थे। सोमवार सुबह लोगों ने शव देखा तो कुत्तों के हमले से मौत की चर्चा शुरू हुई।
बेटे शिवम ने बताया कि पिता की मां सुमन से कुछ कहासुनी हुई थी। इसके बाद वह बिना कुछ खाए साइकिल लेकर कानपुर जाने के लिए निकले थे। पहले परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी नहीं हुए। लेकिन जब पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना, आश्रितों को सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने का हवाला दिया तब पोस्टमार्टम कराया। थानाध्यक्ष राजेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट फेल होने से मौत की पुष्टि हुई है। अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है।