उन्नाव। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की न्यायालय में जज न होने से प्राण घातक हमले के मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई के लिए अगली तारीख 27 मार्च तय की गई है।
तिहाड़ जेल में बंद दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठ के न्यायालय में प्राण घातक हमले के मामले में सुनवाई थी। आरोपी चाचा को दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 10 बजे जिला सत्र न्यायालय लाई। लेकिन न्यायालय में जज न होने से मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। आरोपी चाचा ने करीब एक घंटे रुककर न्यायालय संबंद्धी कुछ अन्य कार्य निपटाए और 11 बजे पुलिस तिहाड़ जेल लेकर रवाना हो गई। जज न होने से मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 मार्च की तिथि दी गई है।