पत्नी के हत्यारे भतीजे को अधेड़ ने अपने बेटों के साथ मिलकर गांव के बाहर घेर लिया और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमलाकर मरणासन्न कर भाग निकले। परिजन घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
असोहा थाना क्षेत्र के गोसाई खेड़ा गांव निवासी अनिल गौतम (26) पुत्र धनीराम का पड़ोस में रहने वाले चाचा चूरन लाल गौतम से मई माह में विवाद हो गया था। 16 मई को दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें सिर पर डंडा लगने से चूरन लाल की पत्नी रामश्री की मौत हो गई थी।
रामश्री की हत्या में चूरन लाल की तहरीर पर पुलिस ने अनिल गौतम, उसके पिता धनीराम समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एक माह पहले तीनों जमानत पर छूटकर गांव आए थे।
मंगलवार देर शाम अनिल शौच के लिए जा रहा था। गांव के बाहर चाचा चूरन लाल और चचेरे भाई गणेशी व मोहित ने रास्ते में रोक लिया और विवाद करने लगे। विरोध करने पर तीनों ने अनिल पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। अनिल को लहूलुहान कर उसे मरणासन्न हालत में गांव के बाहर छोड़कर भाग निकले।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को आननफानन जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अनिल को मृत घोषित कर दिया।
थानाध्यक्ष अवनीश यादव ने बताया कि अभी तक की तफ्तीश में जो बात सामने आई हैं, उसके मुताबिक हत्यारोपी अनिल से अपनी पत्नी रामश्री की मौत का बदला लेने की नियत से उसके चाचा ने अपने बेटों के साथ मिलकर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
जरा सी बात में चली गईं दो जानें- उन्नाव। मृतक के पिता धनीराम ने बताया कि अनिल हरियाणा में रहकर काम करता था। गत 25 मई को अनिल की शादी होनी थी। शादी के लिए वह 16 मई को अपने घर आया।
धनीराम के मुताबिक अनिल जब हरियाणा में रह रहा था तो उसने अपनी मूंछें भी मुंडवा ली थीं। गांव पहुंचने पर उसके चचेरे भाई चूरन लाल ने अनिल को देखकर टोकाटाकी की थी, जिसे लेकर दोनों में कहासुनी हुई। कुछ ही दिनों में दोनों परिवारों में और कई पुराने विवाद भी उखड़कर विवाद का कारण बन गया।
16 अप्रैल को उसके चचेरे भाई चूरन लाल और उसके बेटों ने अनिल के साथ मारपीट की थी। इसी दौरान सिर पर डंडा लगने से रामश्री की मौत हो गई थी।