हत्या के प्रयास में युवक को पुल से गंगा नदी में फेंकने के दो आरोपियोें को कोर्ट ने दोषी पाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को दस साल की कैद व 25 हजार का जुर्माना सुनाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गंगाघाट थानाक्षेत्र निवासी शैलेंद्र वर्मा ने 26 जनवरी 2007 को थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह कानपुर के चौक सरिया बाजार में चांदी के कारखाने में काम करता है और वह कच्ची चांदी लाकर इसके आभूषण अपने घर पर बनाता है। उसका कुछ लेनदेन अतुल सोनी पुत्र रमेश सोनी निवासी आजाद नगर सरैया थाना गंगाघाट व वीरु वर्मा पुत्र प्रदीप वर्मा निवासी नारियल बाजार कोतवाली कानपुर नगर से था। वह 25 जनवरी की रात कानपुर स्थित कारखाने से दो किलो फाइन चांदी व साढ़े पांच किलो चांदी की पत्ती व तार लेकर अपने घर जा रहा था। तभी अतुल व रमेश उसे गंगा पुल पर मिले और उसके सिर पर ईंट से वार कर दिया।
जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद दोनों ने उसे गंगा नदी में फेंक दिया और उसकी साइकिल व चांदी लेकर भाग गए। उसके चिल्लाने पर लोगों ने उसे बचाया। पुलिस ने तहरीर पर मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। मंगलवार को अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश डॉ. जया पाठक ने सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह की दलीलों पर गौर करते हुए दोनों आरोपियों को दोषी पाया और 10-10 साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्तों पर 25-25 हजार का अर्थदंड भी लगाया।