सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के शालींद गांव में निवासी नेकराम रैदास गांव के बाहर पेट्रोल पंप के निकट लकड़ी के टाल की चौकीदारी करता है। गुरुवार रात वह टाल पर चौकीदारी कर रहा था। बेटा सुनील (26) साइकिल से टाल पर पिता को खाना देने के बाद वापस घर लौट रहा था। उन्नाव-सफीपुर मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास वाहन ने सुनील को रौंद दिया। हादसे में सुनील की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद चालक गाड़ी लेकर भाग निकला। रात की घटना होने से सड़क किनारे पड़े सुशील पर किसी की नजर नहीं पड़ी। इससे कई वाहन उस पर चढ़ जाने से शव क्षत-विक्षत हो गया। रात का मामला होने से सुनील घर नहीं आया तो परिजन पिता के पास रुकने का कयास लगाते रहे। लेकिन जब वह भोर पहर भी नहीं आया तो परिजन उसे ढूढ़ने निकले तो देख पेट्रोल पंप के पास उसका शव पड़ा हुआ था। शव देख परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद भी जब काफी देर तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची तो सड़क पर वाहनों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जमा लगा रहे लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इस दौरान परिजन व पुलिस में झड़प भी हुई। पिता नेकराम ने बताया कि वह मजदूरी करता था। अभी शादी नहीं हुई थी। तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। कोतवाली प्रभारी हनुमंत पांडेय ने बताया कि चुनाव के चलते पुलिस व्यस्त थी इसलिए घटनास्थल पर पहुंचने में देरी हो गई। मृतक के पिता ने वाहन के खिलाफ तहरीर दी है।