मौरावां। अनुसूचित जाति वर्ग के सरेंडर किए गए आवासों की हकीकत जांचने के लिए कानपुर मंडल के संयुक्त विकास आयुक्त ने हिलौली विकासखंड के दो गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने गहनता से जांच पड़ताल की। यहां ग्रामीणों के सामने सूची पढ़ी गई। निर्माणाधीन शौचालयों की गुणवत्ता भी जांची गई। वहीं द्वितीय कि स्त कम जारी होने पर जल्द जीओ टैगिंग का काम पूरा करने के निर्देश दिए।
विकासखंड हिलौली की ग्राम पंचायत अकोहरी व लउवासिंहनखेड़ा में इस बार सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति वर्ग के आवास सरेंडर किए गए हैं। इन्हीं आवासों की जांच करने संयुक्त विकास आयुक्त (जेडीसी) नरेंद्र सिंह मंगलवार को गांव पहुंचे। उन्होंने गांवों में चौपाल लगाकर लाभार्थियों से गहनता से पूछताछ की। वहीं चालू वर्ष के 53 निर्माणाधीन आवासों की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। इस मौके पर पात्रता सूची पढ़कर जांच की। उधौगंज में गीता का अधूरा आवास देखा। मनरेगा से बने तालाब का भी निरीक्षण किया।
जांच दल में परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिल कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा शेषमणि सिंह, बीडीओ आनंद सिंह मौर्य, ग्राम पंचायत अधिकारी
सर्वेश बाजपेई, प्रधान रुक्मिणी यादव सहित सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे। पीडी ने बताया कि जो आवास सरेंडर किए गए,वह सही पाए गए। वहीं द्वितीय किस्त के कुछ आवास पेंडिंग पाए गए। उन्होंने जीओ टैगिंग कर जल्द किस्त जारी करने के निर्देश दिए।
केंद्र सरकार पर बरसे राष्ट्र संत कमलमुनि
-अकरमपुर में आयोजित धर्मसभा में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। क्रांतिकारी राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने शहर के अकरमपुर में आयोजित एक धर्मसभा में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। वहीं सरकार की नीतियों से बेरुख होकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। सभा को संबोधित करते उन्होंने कहा कि गुलामी के समय हमारे देश में मांस का निर्यात नहीं होता था। दुर्भाग्य से आज भारत मांस निर्यातक देश बनता जा रहा है। अब संत समाज चुप नहीं बैठेगा। इसके लिए हिंसात्मक रवैया ही क्यों न अपनाना पड़े। उन्होंने भगवान श्रीराम व गांधी का नाम लेकर राजनीति की रोटियां सेंकने वाले लोगों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण, महावीर और महात्मा बुद्ध के नाम पर छुट्टियां निरस्त करने वाली सरकार महापुरुषों के सिद्धांतों से खिलवाड़ कर रही है। जिस प्रकार सरकार मांस निर्यात को बढ़ावा दे रही, उससे कत्लखाने खुलेंगे और पशुधन का नुकसान होगा।