कार्ड सत्यापन के लिए रानीखेड़ा के खालसा विद्यालय में खुली बैठक में नोडल अधिकारी एडीओ (समाज कल्याण) मनमोहन पहुंचे। उन्होंने एनएफएसए सूची में शामिल लोगों का नाम बताना शुरू किया, तभी अधिकांश नामों पर ग्रामीणों ने उंगली उठाई। ग्रामीणोें ने आरोप लगाया कि कोटेदार ने मृत लोगों को भी राशन वितरण कर दिया है। बैठक में 80 बाहरी लोगों, दो सौ अपात्रों और आठ अविवाहितों के नाम सूची में होने की जानकारी हुई। नोडल अफसर ने इन नामों को हटवाकर पात्रों का नाम शामिल किए जाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। वहीं 21 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक का कोरम पूरा किया गया। अधिकारी कागजों पर खुली बैठक का कोरम पूरा करके चलते बने। सुंदरपुर व आदमपुर भासी आदि समेत गांवों में बैठक नहीं हो पाई। शुक्रवार को हसनगंज की 88 ग्राम पंचायतों में 70 में ही खुली बैठकें हुईं।
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गलत तरीके से अंत्योदय में काटे गए पात्रों के नाम
असोहा (उन्नाव)। विकासखंड की ग्राम पंचायत असावर के लगभग आधा सैकड़ा लाभार्थियों ने एसडीएम को दिए शिकायतीपत्र में बताया कि गांव के 89 अंत्योदय कार्डधारकों में से 50 कार्डधारकों के नाम कोटेदार ने काट कर अपात्रों के नाम जोड़ दिए। यहीं नहीं कोटेदार ने पात्र गृहस्थी सूची से भी लाभार्थियों के नाम काटकर अपात्रों को शामिल कर लिया। ग्रामीणों में छोटेलाल चौरसिया, देवेश सिंह, गुरुनारायण, विनोद कुमार, बेचालाल, सूरजपाल, महेश प्रसाद, रामकली, रामरति, विनय प्रताप सिंह आदि ने बताया कि 15 जून को राशन लेने गए गांव के एक लाभार्थी को कोटेदार ने गालीगलौज करते हुए भगा दिया। गांव में सात जून को होने वाली खुली बैठक भी नहीं हुई। पूर्ति निरीक्षक अब्दुल नशीर ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। कोटेदार सुषमा को आरोपपत्र भेजा गया है। जवाब मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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सेमरी गांव में पति कोटेदार, पत्नी प्रधान
वहीं इसी विकासखंड की ग्राम पंचायत सेमरी में पति, पत्नी क्रमश: कोटेदार व प्रधान हैं। सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण शिकायतों के बाद भी कोटा निरस्त नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि सेमरी के कोटेदार रवींद्र सिंह है। इनकी पत्नी रामकुमारी सिंह इस बार ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई हैं। लगभग छह माह बीत जाने के बाद भी अभी तक न तो प्रधान पद से इस्तीफ ा दिया और ना ही राशन की दुकान छोड़ी। पूर्ति निरीक्षक अब्दुल नासिर ने बताया कि बीडीओ असोहा द्वारा जवाब न भेजने से लेट हो रहा है। बीडीओ असोहा देवीबक्स रैकवार ने बताया कि पत्र मिला था जिसको एडीओ पंचायत को मार्क कर दिया था। जवाब भेजा कि नहीं इसकी जानकारी नहीं है। देरी पर वह जवाब नहीं दे पाए।