थाने के सामने हड़बड़ाहट में सड़क पार करते समय कानपुर से लखनऊ जा रही कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल में इलाज दौरान पिता की मौत हो गई। घायल बेटों की हालत नाजुक है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पिता-पुत्रों को धमकाकर थाने से भगाया था।
सोहरामऊ के महनौरा गांव निवासी कल्लू (60) का पड़ोसी युवक से किसी बात को लेकर शनिवार रात 10 बजे झगड़ा हो गया। पड़ोसी युवक ने वृद्ध कल्लू को पीट दिया। उसे गंभीर चोटें आ गईं। मारपीट से क्षुब्ध कल्लू अपने दो बेटों संतोष (23) व बबलू (26) के साथ बाइक से रिपोर्ट दर्ज कराने सोहरामऊ थाने पहुंचा। वृद्ध के बेटे संतोष का आरोप है कि पुलिस ने रात में रिपोर्ट दर्ज न किए जाने की बात कह कर लौटा दिया। बार-बार कहने पर पुलिस बोली कि मारपीट दोनों ओर से हुई है। दूसरे पक्ष की भी तहरीर आई है। दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कर दूंगा। पुलिस का उग्र रूप देख पिता कल्लू सहम गया। उसने घर चलने की बात कही। पिता को लेकर जैसे ही थाने से निकला। सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी सभी उछलकर दूर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने पिता-पुत्रों आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान वृद्ध कल्लू की मौत हो गई। उसके बेटे संतोष और बबलू के पैरों में फ्रैक्चर आया है। उधर, एसओ मुकेश बाबू ने बताया कि कल्लू के साथ मारपीट नहीं गालीगलौज हुआ था। वह अपने दोनों बेटों के साथ नशे की हालत में थाने पहुंचा। उसकी शिकायत सुनने के बाद गांव पहुंच मामले की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई। अधिक नशे की हालत में होने से कल्लू की हादसे में मौत हुई और उसके बेटे घायल हुए हैं। कल्लू पक्ष से मौखिक शिकायत की गई अभी तक लिखित तहरीर नहीं मिली है।
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कुछ देर और रुक जाते तो बच जाती जान
कल्लू की मौत पर बिलख रही पत्नी कुसुमलता बोली कि थाने में कुछ देर सभी और रुक जाते तो हादसा न होता। पुलिस ने पति की शिकायत सुनकर कार्रवाई की होती तो शायद वह परेशान न होता और हादसा टल जाता। उसने बताया कि पति की मौत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। रात में थाने पहुंचने पर बोली पहले सभी का इलाज कराओ बाद में रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी।