मांखी थाना क्षेत्र के बंदाखेड़ा गांव में शनिवार की रात पूर्व प्रधान व प्रापर्टी डीलर के घर में घुसकर चोर नगदी व जेवरात समेत करीब 15 लाख का माल और लाइसेंसी रायफल ले गए। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने घटना की जांच पड़ताल की। पुलिस ने घर से करीब दो सौ मीटर दूरी पर रायफल बरामद कर ली। मौके पर पहुंची डाग स्क्वायड टीम और फिंगरप्रिंट टीम को भी कोई ठोस सुराग नहीं मिले। थाना इंचार्ज बृजमोहन ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
गांव बंदाखेड़ा निवासी पूर्व प्रधान इंद्रेश सिंह पुत्र लालबहादुर सिंह प्रापर्टी डीलिंग का काम करते हैं। शनिवार की रात वह खाना खाकर पत्नी के साथ छत पर सोने चले गए। रात में छत के रास्ते घर में घुसे चोरों ने कमरे में अलमारी का लाकर तोड़कर जेवरात ,चार लाख की नगदी और कमरे में टंगी लाइसेंसी रायफल लेकर मुख्य गेट से निकल गए। इधर, मां सोना देवी घर के बाहर सोईं थी। रात करीब एक बजे मां खटपट की आवाज सुनकर जग गई। उन्होंने घर से चार लोगों को रायफल लेकर निकलते देखा। बदमाशों को देख दहशतजदा वृद्धा ने कुछ देर बाद शोर मचा छत पर सो रहे बेटे इंद्रेश को बुलाया। कमरे का ताला व अलमारी का लाकर टूटा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। लाकर में रखी चार लाख की नगदी, जेवरात व रायफल गायब थी। इंद्रेश ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी। कुछ ही देर में थाना इंचार्ज फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इंद्रेश ने बताया कि लाकर में उसके भाईयों आदि के जेवर मां की सुपुर्दगी में और चार लाख की नगदी जमीन खरीदने के लिए रखी थी जिसे चोर चुरा ले गए। चोरी गए जेवरों की कीमत करीब 11 लाख है। पुलिस को पड़ताल के दौरान रायफल बरामद हो गई। इधर ग्रामीणों को खेतों में जेवर के खाली डिब्बे पड़े मिले। पूर्व प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इनसेट।
डाग स्क्वायड नहीं दे सका सुराग
रविवार को सुराग तलाशने के लिए पुलिस ने डाग स्क्वायड की मदद ली। अलमारी को सूंघता हुआ खोजी कुत्ता पड़ोसी गांव शंकरखेड़ा पहुंचा और लौट आया। वह पुलिस को घटना से जुड़ा कोई सुराग न दे सका। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ को भी घर में कोई निशान नहीं मिला। विशेषज्ञ का अंदेशा है कि चोर बड़े ही शातिर थे। उन्होंने पूरी घटना को अंजाम देने के दौरान दस्ताने पहन रखे होंगे। इसी कारण घर में कोई निशान नहीं मिला।
इंसेट।
बदमाशों को टोकना पड़ सकता था महंगा
पूर्व प्रधान ने पुलिस को बताया कि उसकी मां सोना देवी ने चोरों को अपनी आंखों से घर से बाहर निकलते देखा। मां ने बड़ी ही सूझबूझ से काम लिया। वह बदमाशों को टोक देती तो बड़ी घटना हो सकती थी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि घर से जेवरात बटोरने के बाद बदमाश गांव के बाहर रुके। जहां उन्होंने डिब्बों से जेवरात निकाले। रात्रि में जांच को पहुंची पुलिस सही ढंग से छानबीन करती तो बदमाश पकड़े जाते।
इंसेट।
चोरी की इन बड़ी वारदातों का नहीं खुलासा
11 फरवरी-सदर कोतवाली के ललऊखेड़ा में उमाशंकर सोनी के घर से 30 लाख की चोरी।
14 जनवरी- अजगैन के मकूर गांव में राघवेंद्र सिंह के घर 10 लाख की चोरी।
15 जनवरी- बांगरमऊ के लतीफुर में अवधेश यादव के यहां 6 लाख की चोरी।
17 जनवरी- सफीपुर के गोपालपुर में रिटायर्ड अमीन श्रीधर अवस्थी के यहां 8 लाख की चोरी।
04 फरवरी- असोहा के बरेला गांव में किसान सजीवन लाल के घर 8 लाख की डकैती।
05 फरवरी- शहर के पीडी नगर में टायर एजेंसी का शटर काटकर लाखों की चोरी।
08 फरवरी-सफीपुर के इंधनीमऊ गांव के किसान धनीराम के यहां 8 लाख की चोरी।
10 फरवरी- बांगरमऊ में बिजली मेकेनिक जितेंद्र के घर 20 लाख की चोरी।
12 फरवरी-शहर कोतवाली के गांव ललऊ खेड़ा में सर्राफा व्यापारी रामसेवक सोनी घर 32 लाख की चोरी।
23 फरवरी-शहर के मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी रिटायर्ड लिपिक जितेंद्र कुमार पांडेय के घर 30 लाख की चोरी।
7 जून- मांखी थाना क्षेत्र कंजौरा निवासी अरुण सिंह के घर पांच लाख की चोरी।