शटडाउन के बाद भी विद्युत लाइन चालू हो जाने से हाईटेंशन लाइन पर काम कर रहा संविदाकर्मी करंट की चपेट में आ गया। यह देख मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने शोर मचाया। कुछ देर बाद सप्लाई बंद कराई गई। इसके बाद गंभीर रूप से झुलस चुके कर्मचारी को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने मौके पर जाकर हंगामा काटा और उन्नाव-हरदोई मार्ग जाम लगा दिया। बाद में सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाया और 50 हजार नगद देने ने के साथ ही तीन दिन में दो लाख रुपये बतौर मुआवजा विभाग से दिलाने का आश्वासन दिया तब कहीं जाकर परिजन शांत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के ग्राम कुइलीखेड़ा निवासी शिवराज (50) पुत्र कालीचरण लंबे समय से बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। ग्रामीणों की शिकायत पर शुक्रवार को वह अंधिलिया छूही लाइन को सही करने पहुंचा था। उसने पावर हाउस सफीपुर में मौजूद कर्मी बालेंद्र से शटडाउन दिया और 11 हजार लाइन पर काम करने लगा। इसी बीच अचानक लाइन में करंट आ गया और वह उसकी चपेट में आकर तार से ही चिपक गया। यह देख वहां पर मौजूद अन्य लोगों के साथ ग्रामीणों ने तुरंत सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई। फिर गंभीर रूप से झुलसे शिवराज को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर परिजन आक्रोशित हो गए और शव लेकर उपकेंद्र पहुंच गए। यहां पर कर्मचारी कार्यालय में तालाबंदी कर पहले ही फ रार हो चुके थे। किसी भी तरह का जवाब न मिल पाने पर जमा भीड़ हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी बीच कुछ लोग उन्नाव-हरदोई मार्ग पर पहुंच गए और जाम लगाने का प्रयास किया। मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाली प्रभारी हनुमान प्रसाद पांडेय पहले मौके पर पहुंचे। प्रभारी ने बिजली विभाग के अधिकारियों के आने का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया लेकिन परिजन किसी भी कीमत पर शांत नहीं हुए।
प्रशासनिक व पुलिस अफसरों के पहुंचने के बाद माने परिजन
प्रभारी के समझाने के बाद भी जब परिजन नहीं मानें तो उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में एसडीओ फैसल खान ने मृतक के परिजनों को 50 हजार रुपये नगद सौंपे। साथ ही 50 हजार का चेक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाने और तीन दिन में दो लाख रुपये विभाग से और दिलाने का आश्वासन दिया तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक के भाई रमेशचंद्र ने घटना का मुकदमा दर्ज कराया है। भाई ने बताया मृतक पुत्री मनसिला के विवाह के लिए चिंतित था। गांववालों ने बताया कि छह वर्ष पूर्व राजकुमार लाइनमैन की मौत भी इसी तरह से केशनपुर में हो गई थी।