हसनगंज। शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए दिबियापुर से बाराबंकी के लोधेश्वर मंदिर पैदल जा रहे कांवरिया को कोतवाली क्षेत्र के लखपतखेड़ा तिराहे पर तेज रफ्तार डीसीएम ने रौंद दिया। हादसे में युवक की मौके पर मौत हो गई। साथ के कांवरियों ने सौ नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद चालक गाड़ी लेकर भाग निकला।
औरैया जिले के थाना दिबियापुर के गांव मानपूट निवासी विनीत कुमार (35) पुत्र रामऔतार गांव के ही धर्मेंद्र, सोनपाल, मदन, छोटू, बृजेंद्र व जयसिंह के साथ बाराबंकी स्थित लोधेश्वर मंदिर के लिए निकला था। यह लोग पैदल निकले थे। रवानगी के तीसरे दिन कांवरियों का जत्था हसनगंज से बाराबंकी जा रहा था। लखनऊ-मोहन मार्ग पर हसनगंज कोतवाली के लखपतखेड़ा तिराहे पर बुधवार देर रात तेज रफ्तार डीसीएम ने विनीत को कुचल दिया।
हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई। साथियों ने सौ नंबर पर सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथी सोनपाल ने बताया कि विनीत चार भाइयों में सबसे बड़ा था। वह गुजरात की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में सुपरवाइजर था। एक महीने पहले घर आया था। मृतक की पत्नी तीन साल पहले छोड़कर चली गई थी। बेटे की मौत से मां कुसुमा रो-रोकर बेहाल हैं। कोतवाली प्रभारी अरुण देव द्विवेदी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज कियाजाएगा।