नवाबगंज। लखनऊ से कानपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्री की हालत अचानक बिगड़ गई। सोनिक रेलवे स्टेशन पर उसे उतारा गया। यहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची जीआरपी व आरपीएफ ने झांसी में रहने वाले परिजनों को सूचना दी है।
झांसी जिले की शहर कोतवाली के मोहल्ला सागर गेट निवासी अनिल कुमार सिंह पुरिया पुत्र स्व. रामचरन झांसी इंटरसिटी एक्सप्रेस के कोच नंबर डी थ्री की सीट नंबर 50 पर यात्रा कर रहे थे। वह लखनऊ से झांसी जा रहे थे। लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर सोनिक स्टेशन के निकट इनके सीने में अचानक दर्द के साथ उल्टियां होने लगीं। यात्रियों ने इसकी सूचना टीटी को दी। टीटी ने स्टेशन मास्टर को जानकारी दी। गाड़ी स्टेशन पर रुकवाकर इन्हें उतारा गया। तब तक अनिल की मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची जीआरपी व आरपीएफ ने शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवाने के साथ ही सूचना परिजनों को दी।
आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर एसएस मिश्रा ने बताया कि तबियत बिगड़ने से मौत हुई है। सूचना परिजनों को दे दी गई है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद हकीकत पता चल पाएगी।
गलत सूचना दर्ज करने से छूटी यात्री की ट्रेन
- स्टेशन के साइन बोर्ड पर लिखी थी ट्रेन आने की गलत सूचना
- नीलांचल एक्सप्रेस से दिल्ली जाने के लिए युवक परिवार सहित रात में कर रहा था ट्रेन का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। रेलवे स्टेशन पर लगे साइन बोर्ड पर गलत सूचना लिखने पर यात्री की ट्रेन छूट गई। उसे नीलांचल एक्सप्रेस से परिवार के साथ जाना था। गाड़ी स्टेशन से गुजर गई तब जानकारी हुई। सूचना बोर्ड पर गाड़ी प्लेट फार्म नंबर दो से जाने की बात लिख दी गई थी। जबकि उसे एक नंबर प्लेटफार्म से गुजार दिया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर से की है।
यात्री सुधीर प्रसाद का कहना है कि उनका रिजर्वेशन नीलांचल एक्सप्रेस के कोच एस बारह में था। परिवार के साथ उन्हें दिल्ली जाना था। शनिवार दोपहर वह स्टेशन पहुंचे। गाड़ी की लोकेशन ली। ट्रेन को देरी से रात 9:30 बजे आना बताया गया। वह निर्धारित समय पर परिवार के साथ रात में स्टेशन पहुंच गए। वहां विंडो पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। विंडो पर लगे सूचना पट में ट्रेन का समय एक घंटा बढ़ाकर रात 10:30 बजे प्लेटफार्म नंबर एक से गुजरने की बात लिख दी गई। वह एक घंटे तक प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़े रहकर ट्रेन का इंतजार करते रहे। एक घंटे बाद ट्रेन प्लेटफार्म नंबर दो से गुजर गई। ट्रेन जाने के बाद वह दोबारा विंडो पर गए। यहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। पीड़ित ने स्टेशन मास्टर से शिकायत की है।
वेटिंग हाल में मिला संदिग्ध बैग
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। रेलवे स्टेशन की सुरक्षा जांच रहे जीआरपी को वेटिंग हाल में एक संदिग्ध बैग मिला। मामला संदिग्ध दिखने पर जीआरपी के जवानों ने बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग में एक लैपटॉप, चार्जर, मोबाइल का सामान मिला। लैपटाप से जवानों ने जानकारी ली तो यह सामान रायबरेली जिले के लालगंज सदनखेड़ा निवासी रामबहादुर का निकला। सूचना पीड़िता को दी गई। पीड़ित थाने आया। यहां सब इंस्पेक्टर शिवशंकर मिश्रा, राजेश व संजय यादव ने आईडी चेक कर लैपटॉप व अन्य सामान सुपुर्द कर दिया।