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रुपयों के विवाद में युवक की हत्या, शव खंती में फेंका

Wed, 01 Jun 2016 01:02 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अचलगंज थाना क्षेत्र के कुसलपुर का मजरा उसैना गांव निवासी मनोज (28) पुत्र रामजीवन का विवाह एक वर्ष पहले मांखी थाना क्षेत्र के शंकरखेड़ा गांव निवासी मोतीलाल की पुत्री पूनम से हुआ था। दस दिन पहले वह पत्नी को लेकर ससुराल चला गया। परिजनों के अनुसार तीन दिन पहले वह घर लौटा और कुछ देर रुकने के बाद बाइक लेकर निकल गया। मंगलवार सुबह जगतखेड़ा अरेडुवा गांव के पास खंती में उसका औंधे मुंह शव पड़ा मिला। शौच को निकले ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सीधा किया। मृतक के गले में एक लकड़ी चुभी भी। आंखों से खून आ रहा था। सिर और चेहरे पर भी गंभीर चोट के निशान थे। शव के पास ही दो सफेद रंग के अंगोछे पड़े थे। पुलिस ने शव की पहचान के लिए आस-पास गांवों में संपर्क किया। इसी बीच जगतखेड़ा गांव में रहने वाली मृतक की चचेरी बुआ बिटान मौके पर पहुंच और शव की पहचान की। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी। मृतक के पिता रामसजीवन ने आरोप लगाया कि गांव का शिवमंगल अपने बेटे संजय, श्रवण और कल्लू के साथ चार माह पहले घर आया था और मनोज से 30 हजार रुपये वसूलने का दबाव बनाया। रुपये वापस न करने पर मनोज को जान से मारने की धमकी दी थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पिता-पुत्रों सहित चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।


किसी नजदीकी पर हत्या की आशंका
मृतक की मां रज्जो देवी ने बताया कि बेटा मनोज जिस बाइक से गया था वह मंगलवार तड़के दरवाजे पर खड़ी मिली। बाइक देख उसे लगा कि मनोज आ गया है। उसने चारपाई पर देखा तो वह दिखा नहीं। इसके बाद उसने मोहल्ले में खोजबीन की फिर भी बेटे का पता नहीं चल सका। पड़ोस में रहने वाली एक वृद्ध महिला ने बताया कि एक युवक बाइक लेकर रात में आया और दरवाजे पर खड़ी कर चला गया। आशंका जताई जा रही है कि मनोज की हत्या करने वाला उसका कोई नजदीकी है जो मनोज के बारे में सब कुछ जानता था। योजना के तहत उसकी बाइक घर पर खड़ी कर दबे पांव निकल गया।
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दूसरी जगह हत्या कर खंती में फेंका शव
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मनोज का शव मिलने की सूचना पर जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां मौजूद एक वृद्ध ने बताया कि रात में दो बाइकें खंती के पास तक आईं और कुछ देर रुककर चलीं गई। खंती के बगल में वृद्ध का खेत है। वह बोला कि फसल की रखवाली के लिए वह खेत में ही झोपड़ी बनाकर रहता है। वृद्ध की बातों से लोगों को आशंका है कि मनोज की किसी अन्य जगह हत्या कर शव को खंती में फेंककर बाइक सवार भाग निकले। दोनों बाइकों में एक मृतक की भी होने की संभावना जताई जा रही है। ग्रामीणों का अंदेशा है कि हत्या के  बाद शव को खंती तक लाने में हमलावरों ने मृतक की बाइक का भी प्रयोग किया है और शव खंती में फेकने के बाद बाइक उसके घर खड़ी कर दी गई।

फूफा के घर खाना खाकर लौटा था
सोमवार दोपहर 12 बजे करीब मनोज सिंकदरपुर कर्ण में रहने वाले फूफा रामचंद्र के घर गया था। वहां रुककर उसने खाना खाया और दो घंटे बाद निकल गया। फूफा ने बताया कि मनोज उससे शनिवार को पूना जाने की बात कह रहा था। मनोज की मां की माने तो शाम 5 बजे तक उसे गांव के इर्द-गिर्द देखा गया। इसके बाद उसे सुनियोजित ढंग से ले जाकर हत्या कर दी गई।
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बुझ गया घर का इकलौता चिराग
मनोज तीन बहनों में घर का इकलौता चिराग था। मनोज का पिता रामजीवन भी अपने माता-पिता का इकलौता था। मनोज पिता के काम में हाथ न बंटाकर इधर-उधर घूमा करता था। जिससे पिता उससे दूरियां बनाए थे। एक माह पहले उसने सबसे बड़ी बेटी रूबी की शादी की थी। दो बेटियां अभी अविवाहित है। पिता ने बताया कि वह बेटियों के  भविष्य का हवाला देकर मनोज को अक्सर समझाता था। गांव के युवक और उसके पुत्रों से हमेशा दूर रहने की हिदायत देता था। इकलौते बेटे की हत्या से वह पूरी तरह टूट गया। मां भी छाती पीट-पीटकर रो पड़ी। सुहाग उजड़ने से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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