जिला अस्पताल में पहली मंजिल पर बने सिक न्यूबर्न केयर यूनिट में शार्ट सर्किट से बिजली बोर्ड में आग लग गई। आग की लपटों के साथ ही वार्ड में धुआं भर गया। स्टाफ में भगदड़ मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय वार्ड में कोई भी नवजात भर्ती नहीं था। जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गुरुवार देर शाम जिला अस्पताल के सिक न्यू बर्न केयर यूनिट में उस समय भगदड़ मच गई। जब वार्ड के इंट्री गेट के पास लगे बिजली के स्विच बोर्ड में तेज स्पार्किंग के साथ वायरिंग जलने लगी। धुआं और चिंगारी देख यूनिट इंचार्ज प्रीतिमा, रुचि, प्रतिमा व सुधा सकते में आ गईं। वह सभी बिजली सप्लाई बंद करने के लिए मेन स्विच खोजने लगे लेकिन कहीं नहीं मिला। रुचि व सुधा भागकर इमरजेंसी वार्ड पहुंची। उन्होंने डॉक्टर व वार्ड ब्वॉय को जानकारी दी तो सभी वार्ड पहुंचे। इस दौरान वार्ड ब्वाय त्रिभुवन ने किसी तरह मेन स्विच बंद किया। इस दौरान पूरी यूनिट धुएं की धुंध से पट चुका था। आग की सूचना होते ही सीएमएस सरोज श्रीवास्तव समेत सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना के समय वार्ड में कोई भी नवजात नहीं था। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। एक स्टॉफ सदस्य के अनुसार गुरुवार की दोपहर 12:30 बजे अजगैन के कल्याण सरांय मोहल्ला निवासी नीरज का नवजात बेटी रूबी भर्ती हुई थी लेकिन कुछ देर बाद हालत में सुधार होने पर छुट्टी कर दी गई थी।
सीज फायर तो लगे ही नहीं
सिक न्यू बार्न केयर यूनिट में आग के बचाव के कोई संसाधन नहीं है। वार्ड बनाने में लाखों का बजट खर्च कर दिया गया लेकिन जिम्मेदारों ने वार्ड से लेकर गैलरी तक में कहीं भी एक भी अग्निशमन यंत्र लगवाने की सुध नहीं ली। गुरुवार को शार्ट सर्किट की घटना के बाद स्टॉफ के सदस्यों को भी अग्निशमन यंत्र की कमी खूब खली। सीएमएस सरोज श्रीवास्तव ने अग्निशमन यंत्र क्यों नहीं लगे हैं इसके बारे में गोल मोल जवाब देते हुए मोबाईल स्विच ऑफ कर लिया।