पीडीनगर मोहल्ला स्थित हरे कृष्णा मां वैष्णवी हास्पिटल में फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 17 वर्षीय किशोरी की इलाज दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने नर्सिंगहोम संचालिका पूनम द्विवेदी को हिरासत में लेकर नर्सिंगहोम सील कर दिया था। सूचना मिलने पर बुधवार की रात शहर कोतवाली पहुंचे मृतका के पिता ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी गांव के युवक ने दिसंबर 2013 में बेटी (मृतका) से छेड़छाड़ की थी। जिसका मुकदमा फतेहपुर चौरासी थाना में दर्ज कराया था। 30 जून 2016 को मुकदमे की पेशी थी। मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे पेट में दर्द की बात कह किशोरी दवा लेने पीएचसी के लिए निकली थी। देर शाम बेटी ने फोन कर बताया कि उसकी आंख में पट्टी बंधी है। शरीर का पूरा खून निकल चुका है। नर्सिंगहोम में ग्लूकोज चढ़ रहा है। उसने यह नहीं बताया कि वह किस नर्सिंगहोम में भर्ती है। बच्ची की तलाश में वह आधी रात तक आसपास के नर्सिंगहोम की खाक छानता रहा। सुबह उसके पास फिर एक फोन आया। फोन करने वाले ने शहर के एक नर्सिंगहोम में बेटी की मौत की सूचना देकर फोन काट दिया। बेटी की मौत की सूचना पर वह फतेहपुर चौरासी थाने पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने सदर कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय से संपर्क किया तो सच सामने आ गया। एसओ मो. असरफ किशोरी के पिता को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे जहां उसने शव की पहचान बेटी के रूप में कर ली। मृतका के पिता का आरोप है कि छेड़छाड़ करने वाले युवक ने अपने पिता व नर्सिंगहोम संचालिका पूनम द्विवेदी, संचालिका की बहन दीपा, मरीजों को जिला अस्पताल से नर्सिंगहोम पहुंचाने वाली अनीता, रविता की मदद से बेटी की हत्या की साजिश रची और उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। पोस्टमार्टम सूत्रों की माने तो किशोरी की मौत अधिक खून बह जाने से हुई है। कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो और तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर मुकदमे में धाराएं बढ़ाई जाएंगी।