पाटन (उन्नाव)। सुमेरपुर ब्लॉक के सिरियापुर गांव का मजरा लालाखेड़ा डायरिया की चपेट में आ गया है। संक्रामक बीमारी से गांव में दो दिन के भीतर दो लोगों की मौत हो चुकी है। 30 लोग चपेट में हैं। झोलाछाप से इलाज करा रहे ग्रामीण हालत बिगड़ने पर सुमेरपुर सीएचसी पहुंचने लगे तो विभाग हरकत में आया। सीएमओ के निर्देश पर मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर मरीजों को दवाएं दीं। सोमवार से सभी मरीजों के खून की जांच कराई जाएगी।
ब्लॉक क्षेत्र के लालाखेड़ा गांव में कई दिन से डायरिया का प्रकोप है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने समस्या पर ध्यान नहीं दिया। शनिवार देर रात नर्सिंगहोम में इलाज के दौरान रामकृष्ण की पांच साल की बेटी प्रियांशी की मौत हो गई। इससे पहले शुक्रवार रात इसी गांव की अंगाना (55) की मौत हो गई थी।
डायरिया से दो लोगों की मौत के बाद भी आशा बहू ने विभागीय अफसरों को सूचना नहीं दी। पीड़ित ग्रामीण सुमेरपुर पीएचसी और रायबरेली जिले के सरेनी स्थित नर्सिंगहोम में इलाज करा रहे हैं। हालत यह है गांव में कोई ऐसा परिवार नहीं है, जिसके एक-दो सदस्य डायरिया से प्रभावित न हों। सीएमओ के मुताबिक बीमारी फैलने की वजह पता कराई जा रही है।