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जानलेवा हमले मामले में नहीं हुई बहस

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उन्नाव। विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा के खिलाफ चल रहे जानलेवा हमले के मुकदमे में गुुरुवार को भी बहस नहीं हो सकी। न्यायाधीश ने पहले से लंबित मुकदमों के फैसले पर सुनवाई की बात कहते हुए बहस के लिए सात जून की तारीख तय की है।
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किशोरी के चाचा पर वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में किशोरी के चाचा व पिता सहित तीन लोग नामजद थे। इसमें पिता व एक चाचा के दिवंगत होने से उन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया था। जबकि एक चाचा के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। न्यायालय ने नवंबर 2018 में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इस पर पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। इस समय वह रायबरेली जेल में बंद हैं। उन पर अभिलेखों से छेड़छाड़ का भी मुकदमा सदर कोतवाली में दर्ज है, उसमें भी वह दोषी मिले हैं। गुरुवार को जानलेवा हमले के मुकदमे में बहस होनी थी। सुबह 11 बजे कड़ी सुरक्षा में पुलिस किशोरी के चाचा को रायबरेली जेल से न्यायालय लेकर पहुंची। मुकदमे की सुनवाई कर रहे फास्ट्र ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज प्रहलाद टंडन ने पहले के कई लंबित मुकदमों पर फैसला करने की बात कही और बहस के लिए सात जून तारीख तय की है। आरोपी के वकील अजेंद्र अवस्थी, महेंद्र सिंह व अशोक द्विवेदी ने बताया कि जानलेवा हमले के मामले में अब सात जून को बहस होगी।
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