सोहरामऊ थाना क्षेत्र हसनापुर गांव में बुधवार रात शार्ट सर्किट से आग लग गई। झुलसने से बुआ- भतीजे की मौत हो गई। आग से गृहस्थी का पूरा सामान भी जलकर राख हो गया। गांव के लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हसनापुर गांव में बुधवार रात राम धीरज यादव के परिवार के लोग खाना खाकर सो रहे थे। इसी बीच शार्ट सर्किट से घर में आग लग गई।
नींद में होने की वजह से परिवार के लोगों को तत्काल आग लगने की जानकारी नहीं हो सकी। कुछ देर बाद कमरे में धुआं भरने और लपट लगने पर नींद खुली। कमरे में सो रहा राम धीरज के बेटी का बेटा कृष्ण (3) एवं कृष्णा की बुआ दिनारा (16) ने भागने की कोशिश की। लेकिन लपटों में घिर जाने की वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए। उनकी चीख सुन परिवार के लोगों ने बचाने की कोशिश की। इस बीच दोनों बुरी तरह झुलस गए। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। रात करीब 11.30 बजे थाने सूचना दी गई। सोहरामऊ थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह बने बताया कि वह मौके पर जा रहे हैं। बुआ- भजीते के मरने की सूचना मिली है। दमकलकर्मियों को भी सूचना दी गई है।
रामधीरज की बेटी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के रमादेई खेड़ा गांव में ब्याही है। उसकी शादी करीब छह साल पहले रमादेई खेड़ा निवासी लवकुश के साथ हुई थी। गुरुवार को कृष्णा का बर्थडे था। इस वजह से रामधीरज की बेटी बुधवार को उसे लेकर मायके आई थी। उसके साथ कृष्णा की बुआ दिनारा भी यहीं आ गई थी। जबकि कृष्णा के पिता व परिवार के अन्य लोगों ने गुरुवार को आने का वादा किया था, लेकिन बुधवार रात लगी आग ने पूरे परिवार को गम में डूबा दिया। कृष्णा इकलौता बेटा था।
जिस कमरे में बुआ भजीते सो रहे थे, उसमें खाने पीने के सामान भी रखे हुए हैं। आग से पूरा सामान जलकर राख हो गया। इससे परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया है।