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डंपर की चपेट में आया बाइक सवार, मौत

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हसनगंज। अजगैन-मोहान मार्ग पर लालपुर गांव के सामने तेज रफ्तार डंपर बाइक से भिड़ गया। हादसे में युवक की घटनास्थल पर मौत हो गई।
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पुलिस ने परिजनों के पहुंचने से पहले ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने लिंक मार्ग जाम कर दिया। वाहनाें में आग लगाने का प्रयास किया। एसपी के आदेश पर चार थानों की फोर्स के अलावा तहसीलदार घटना स्थल पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने के बाद परिजन माने। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे लिंक मार्ग जाम रहा। बाइक सवार युवक हेलमेट नहीं लगाए था। हादसे के बाद चालक डंपर छोड़कर भाग निकला।

अजगैन थानाक्षेत्र के गांव जमालपुर गढ़ी निवासी अजीत (18) पुत्र सुंदरलाल बुधवार बाइक से बड़े भाई संजय की ससुराल हसनगंज के गांव मुन्नीखेड़ा गया था। दोपहर को लौटते समय कस्बे के एक एटीएम से 25000 रुपये निकाले।
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अजगैन-मोहान मार्ग पर हसनगंज कोतवाली के लालपुर गांव के निकट सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर से बाइक भिड़ गई।  इससे अजीत उछलकर डंपर के पहियों के नीचे आ गया। उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर हसनगंज कोतवाली से एएसआई कमलेश्वर यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सूचना दी।

परिजनों के पहुंचने से पहले शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इससे गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने अजगैन-मोहान मार्ग पर जाम लगा दिया। लोगों ने वाहनों को फूंकने का प्रयास किया। मामले की जानकारी एसपी पुष्पांजलि तक पहुंची।

एसपी के निर्देश पर सोहरामऊ, आसीवन व अजगैन पुलिस के अलावा हसनगंज तहसीलदार संतोष कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। इनके समझाने पर जाम खुला।

कोतवाल हनुमान प्रसाद पांडेय ने बताया कि परिजन उनके पहुंचने से पहले शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर भड़क  गए थे। समझाने के बाद वह मान गए। चालक मौके से भाग निकला। डंपर को कोतवाली में खड़ा कराया गया है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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छह भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था
अजीत छह भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। वह बड़े भाई संजय के साथ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। 6 नवंबर को दिल्ली से घर आया था। घर में खेती न होने से दोनों भाइयों पर परिवार की जिम्मेदारी थी। अजीत की मौत से मां राजरानी व पिता सुंदरलाल के अलावा अन्य परिजन रो-रो कर बेहाल रहे।  
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चारा मशीन खरीदने के लिए निकालेे थे रुपये
 राजरानी की मानें तो घर में मवेशियों के लिए चारा मशीन लगनी थी। इसके साथ ही कुछ अन्य कार्य भी थे। इसके लिए अजीत ने एटीएम से 25000 रुपये निकाले थे। रुपये निकालने के बाद वह घर वापस आ रहा था।
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