उन्नाव। हत्या कर हाईवे किनारे फेंके गए उबर टैक्सी चालक के शव को दूसरे थानाक्षेत्र में फेंकना सोहरामऊ थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। आईजी की जांच में लापरवाही सामने आने पर सोहरामऊ थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है। उनके स्थान पर स्वाट टीम प्रभारी डीके शाही को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। निलंबन की कार्रवाई के कुछ देर बाद ही डीके शाही ने अपनी कुर्सी भी संभाल ली।
एक माह पूर्व सोहरामऊ थानाक्षेत्र में हाईवे किनारे उबर कार में एक युवक का शव बरामद हुआ था। कुछ ही देर बाद शव सहित कार लखनऊ के बंथरा थानाक्षेत्र में नरेरा गांव पहुंच गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर बंथरा पुलिस ने शव की पहचान लखनऊ जिले के काकोरी के बेगरियाखेड़ा निवासी अजीत अवस्थी (45) के रूप में की थी। अजीत उबर टैक्सी चलाता था। कुछ लोगों ने टैक्सी बुक करने के बाद सोहरामऊ में उसकी हत्या कर दी थी।
बंथरा पुलिस की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि हत्या सोहरामऊ थानाक्षेत्र में ही हुई थी। टैक्सी में लगे जीपीएस रिकॉर्ड से भी इसकी पुष्टि हुई थी कि कई घंटे तक कार सोहरामऊ में हाईवे किनारे ही एक ही स्थान पर खड़ी रही। कुछ देर बाद उसे बंथरा तक लाकर छोड़ दिया गया। बंथरा थानाध्यक्ष रमेश कुमार रावत ने इसकी शिकायत एएसपी के जरिये आईजी से की थी। आईजी ने मामले की रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर सेाहरामऊ थानाध्यक्ष शिवकुमार को मंगलवार रात निलंबित कर दिया गया। एसपी एपमी वर्मा ने बताया कि शिवकुमार के स्थान पर स्वाट टीम प्रभारी डीके शाही को सोहरामऊ थाना की जिम्मेदारी दी है।
पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला था हत्यारा!
बंथरा पुलिस की जांच में पता चला था कि हाईवे किनारे विशाला ढाबा के निकट अजीत की कार 18 मार्च को खराब हुई थी। इसी दौरान कार में बैठा एक युवक कार को धक्का देकर उसे सड़क किनारे खड़ी करने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान जाम लगने से कई अन्य लोग मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने जब शव देखा तो युवक को पकड़ पुलिस को सूचना दी थी। बंथरा पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार सोहरामऊ पुलिस ने कार में धक्का लगाने वाले युवक को पकड़ा भी था लेकिन बाद में वह भाग निकला। अजीत की जेब में लखनऊ के पते का आईडी कार्ड देख कार को बंथरा थाना की सीमा में भिजवा दिया गया था।
दो दिन पूर्व ही गिर गई थी गाज
सोहरामऊ थानाध्यक्ष शिवकुमार पर दो दिन पूर्व ही कार्रवाई की गाज गिर गई थी। हालांकि किन्हीं कारणों से दो दिन तक मामले को दबाकर रखा गया। सूत्रों की माने तो विभाग के कई अधिकारी कार्रवाई को रुकवाने की कोशिश में जुटे हुए थे।
शवकुमार के खिलाफ थी कई शिकायतें
सोहरामऊ थानाध्यक्ष शिवकुमार के खिलाफ कई अन्य शिकायतें भी एसपी को मिली थी। हालांकि उन पर कार्रवाई नहीं की गई। हाईवे किनारे स्थित एक मैनेजमेंट कालेज में छात्र की हत्या के मामले में भी परिजनों ने शिवकुमार पर जांच मेें सहयोग न करने का आरोप लगाया था।
-उबर टैक्सी चालक के शव को बंथरा में फेंकने के लगे थे आरोप
-आईजी की जांच में सामने आई थी लापरवाही, हुई कार्रवाई
-स्वाट प्रभारी डीके शाही बनाए गए सोहरामऊ के नए एसओ