पोस्टमार्टम हाउस में दर्द बयान करते परिजन।
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गुरुवार को आईपीएल मैच को लेकर पुलिस की कड़ी चौकसी के बाद भी कानपुर के एक अधेड़ का शव खंती में पड़ा पाया गया। अधेड़ का बड़े स्तर पर शटरिंग व सरिया सप्लाई का काम था। शाम पांच बजे के करीब पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर शव कब्जे में लिया।
पुलिस ने सड़क हादसे में मौत होने की बात कही है । परिजन इस बात को पूरी तरह नकारते रहे। परिजनों का आरोप है कि मृतक घर से 50 हजार रुपये लेकर चला था । यह गायब हैं। मृतक के बेटे ने गोरखपुर के एक बड़े कारोबारी पर लगभग एक करोड़ रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
पुरवा थाना के मिर्रीकला गांव निवासी चंद्रिका प्रसाद (55) वर्तमान में कानपुर कल्याणपुर में परिवार के साथ रह रहे थे। वह शटरिंग व सरिया सप्लाई के बड़े कारोबारी थे। गुरुवार सुबह नौ बजे वह स्कूटी से विवाहित बेटी पप्पी के घर जोधपुर पुरवा जाने को निकले थे। एक घंटे बाद उनके बड़े बेटे दीपक ने उन्हें फोन किया तो फोन नहीं उठा। इसके बाद परिवार के लोेग शाम पांच बजे तक उन्हें फोन मिलाते रहे। आखिरकार फोन उठा तो अचलगंज थाने के सिपाही ने आजाद मार्ग पर उनका शव पड़े होने की सूचना दी। बेटे दीपक ने बताया कि पुलिस ने सड़क हादसे में मौत होने की बात कहकर तुरंत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने की बात कही।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर पता चला कि अचलगंज थाना क्षेत्र के आजाद मार्ग चौराहे पर उनका शव सड़क किनारे खंती में पड़ा मिला। बेटे के मुताबिक उनके शरीर में कोई चोट का निशान नहीं है । न ही स्कूटी में कोई खरोंच है। पिता मां से 50 हजार रुपये लेकर निकले थे। यह उनके पास नहीं मिले। रुपयों की जानकारी पुलिस को भी नहीं है। बेटे ने गोरखपुर के एक बिल्डर पर शक जताया है।
घर गिरवी रख लिया था कर्ज
मृतक के बेटे दीपक ने बताया कि पिता ने खून पसीना एक कर कारोबार खड़ा किया था। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने मकान गिरवी रख बैंक से कर्ज लिया था। गोरखपुर के बिल्डर ने उन्हें झांसे में लेकर अपनी साइड पर काम देने के लिए बुलाया और लगभग 70 लाख रुपये की उधारी करा दी। पिता के उधारी मांगने पर उसने लगभग 30 लाख रुपये की मशीनें जबरन रखवा लीं। मशीन वापस लौटाने और उधारी मांगने पर बिल्डर पिता को जान से मारने की धमकी देता था। उसने बिल्डर पर शक जता पुलिस से घटना की जांच किए जाने की मांग की है।