थानाक्षेत्र के छत्ताखेड़ा में सोमवार रात द्वारचार के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में किशोरी की मौत के कारण रुकी शादी की रस्में मंगलवार देर शाम फतेहपुर चौरासी कस्बा के शीतलादेवी मंदिर में पूरी की गईं। इस दौरान वर-वधू दोनों के परिवार और खास रिश्तेदारों समेत करीब बीस लोग ही मौजूद रहे। शादी की यह रस्में छत्ताखेड़ा गांव से करीब 13 किमी दूर शीतला देवी मंदिर में पूरी की गई। एक तरफ हर्ष फायरिंग से किशोरी की मौत और दूसरी ओर दूल्हे के बहनोई की गिरफ्तारी होने से शादी की रस्में भी फौरी तौर पर निपटाई गईं।
मातम में बदलीं खुशियां
घर में शादी का माहौल था। सभी खुशी मन से वैवाहिक समारोह में व्यस्त थे। लड़की पक्ष के लोग द्वारचार के बाद जयमाल और भांवरों की तैयारियों में व्यस्त थे। तभी यह हादसा हो गया और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
मंगल गीत की जगह गूंजी चीत्कार
वैवाहिक समारोह के दौरान महिलाएं ढोलक की थाप पर मंगल गीत गा रही थीं। अचानक शव देख महिलाएं चीखने-चिल्लाने लगीं। हंसी-ठिठोली की जगह लोगों की आंखों से आंसू बहने लगे।
हर्ष फायरिंग पहले भी ले चुकी है जान
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र में हर्ष फायरिंग में मौत की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी यहां हर्ष फायरिंग में युवक की मौत हो चुकी है। वर्ष 2013 में थानाक्षेत्र के हूसेपुर गांव निवासी विनोद यादव पुत्र सुंदरलाल के भाई विनय के तिलकोत्सव में भी हर्ष फायरिंग हुई थी। इसमें गोसा प्रयागपुर निवासी ज्ञानेंद्र पुत्र अवधेश तिवारी की मौत हो गई थी।
इंटर की छात्रा थी रागिनी
मृतका के पिता राकेश ने बताया कि रागिनी छह भाई बहनों में पांचवें नंबर की थी। वह ऊगू स्थित सीपीटीएन इंटर कॉलेज में इंटर की छात्रा थी। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद इस बात की जानकारी नहीं हो पाई थी कि फायरिंग किसने की है, इसलिए उसने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी।