अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। लगभग दो वर्ष पूर्व हसनगंज में पत्रकार आशुतोष की हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैं। मृतक के पिता ने विवेचक पर घटना के संबध में साक्ष्य एकत्रित न करने और तमाम जरूरी जांच बिंदुओं की अनदेखी का आरोप लगाया था। पिता के प्रार्थनापत्र पर न्यायालय ने घटना की पुनर्विवेचना का आदेश दिया है।
हसनगंज थानाक्षेत्र के कोट झलोतर गांव निवासी आशुतोष मिश्रा की 22 जुलाई 2016 को मोहान से गांव लौटते समय मौत हो गई थी। मृतक के पिता माता प्रसाद ने गांव के ही छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। हालांकि पुलिस शुरुआत से ही घटना को हादसा बताने में जुट गई थी। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
उक्त मुकदमा की विवेचना कर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। फाइनल रिपोर्ट में पुलिस ने हत्या के संबंध में कोई भी साक्ष्य न मिलने की बात कही थी। लेकिन पिता ने राजनैतिक दबाव में दरोगा पर घटना की विवेचना में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। जिस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने घटना की पुनर्विवेचना का आदेश जारी किया है।
- पिता ने विवेचक पर साक्ष्य एकत्रित न करने का लगाया था आरोप
- पुलिस ने सड़क हादसा बताया था, न्यायालय ने दोबारा विवेचना का दिया आदेश