उन्नाव। सदर कोतवाली के ईदगाह पत्थर कालोनी में नौ साल पहले हुई युवक की हत्या में न्यायालय ने पत्नी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। हत्या में नामजद दो अन्य आरोपियों पर दोष सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया।
ईदगाह पत्थर कालोनी निवासी शमीम बानो ने 15 अप्रैल 2012 को प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर पति अबरार उर्फ कुलदीप की हत्या कर दी थी। मृतक के भाई सिराज अहमद ने 16 अप्रैल को कोतवाली में मृतक की पत्नी शमीम बानो, उसके नजदीकी शानू और उसके भाई यासीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद बुधवार को जनपद न्यायाधीश हरवीर सिंह ने गवाहों और सबूतों के आधार पर शमीम बानो को पति अबरार की हत्या का दोषी पाया और उम्र कैद की सजा सुनाई। इसी मुकदमे में नामजद शानू और उसके भाई यासीन को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी ने बहस की। न्यायाधीश ने 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।