सफीपुर। पुलिस की हिदायत के बाद क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन महंगा पड़ गया। बिना अनुमति के शुरू कराए गए टूर्नामेंट का उद्घाटन करने पहुंचे पूर्व राज्यमंत्री, नगर पंचायत चेयरमैन समेत छह नामजद व 150 अज्ञात लोगाें पर कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीन लोगों को हिरासत में लिया है। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात लोगाें की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
हाता बाजार में शनिवार रात 10 बजे बिना अनुमति क्रिकेट टूर्नामेंट हो रहा था। कोतवाली के दरोगा प्रमोद राय अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तो कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन होता दिखा। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत करने पहुंचे थे। दरोगा ने कार्यक्रम का वीडियो बनाकर उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। एसपी आनंद कुलकर्णी के आदेश पर मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस राहत बेग, वारिश अली समेत तीन को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची। दरोगा प्रमोद राय की तहरीर पर पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत, सफीपुर नगर पंचायत के चेयरमैन नसीम अहमद, सपा के सफीपुर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष मकसूद अली, आयोजक वारिश अली, एनुल व राहत बेग व 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सीओ सफीपुर बीनू सिंह ने बताया कि एक दिन पहले भी आयोजनकर्ताओं ने टूर्नामेंट का आयोजन करने की कोशिश की थी। इस पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था।
हिदायत देकर छोड़े जाने के बाद भी दोबारा आयोजन करने का प्रयास किया गया। वीडियो फुटेज के आधार पर अज्ञात लोगों की पहचान कराई जा रही है। पूर्व राज्यमंत्री सुधीर रावत ने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति न लेने की जानकारी उन्हें नहीं थी। चुनाव में उमड़ी भीड़, भाजपा नेताओं द्वारा जुलूस निकालने और चुनावी रैली करने पर कोविड 19 का उल्लंघन नहीं माना जाता है। भाजपा सरकार युवा विरोधी है। पुलिस ने मासूमों युवाओं को खदेड़ कर रिपोर्ट दर्ज करा दी।