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निजी सुरक्षा गार्ड के हाथों में एके 47, जांच को पहुंची पुलिस

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उन्नाव। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के मृत वकील के रिश्ते के भाई बताने वाले पूर्व जिला पंचायत सदस्य पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उनके निजी सुरक्षा कर्मी की सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुई थी। इसमें निजी सुरक्षाकर्मी हाथ में एके 47 रायफल लिए था। एक व्यक्ति को सीआरपीएफ की वर्दी पहनाने का भी आरोप लगा है। एसपी से शिकायत के बाद शुक्रवार को पुलिस कई बार पूर्व जिला पंचायत सदस्य के शहर स्थित आवास पहुंची। हालांकि पुलिस को वह नहीं मिले।
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आसीवन के अजमत नगर निवासी सचिन राजपूत ने 10 दिन पहले फैक्स के जरिए एसपी व अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। उसके अनुसार पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र ने खुद को दुष्कर्म पीड़िता के वकील का भाई बताकर सीआरपीएफ की सुरक्षा पा ली थी। आरोप लगाया कि उनका एक निजी सुरक्षा कर्मी अपने हाथ में एके 47 लेकर चलता है। सीआरपीएफ जवानों की संख्या अधिक दिखाने और रौब गांठने के लिए देवेंद्र अपने साथ चलने वाले निजी सुरक्षा कर्मियों को फर्जी तरीके से सीआरपीएफ की वर्दी पहनाते हैं। शिकायतकर्ता ने एके 47 लिए निजी सुरक्षाकर्मी की फोटो भी पुलिस को भेजी। बताया गया कि यह फोटो 20 दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। शुक्रवार को आसीवन एसओ अनुराग सिंह सदर कोतवाल अनिल सिंह के साथ कई चक्रों में शहर के आवास विकास कालोनी स्थित देवेंद्र सिंह के घर पहुंचे। उनके घर में न मिलने पर परिजनों से जानकारी ली। देवेंद्र के इंतजार में पुलिस घर के बाहर घंटों बैठी भी रही। आसीवन एसओ अनुराग सिंह ने बताया कि देवेंद्र को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था पर वह सामने नहीं आए। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एके 47 उनकी सुरक्षा में तैनात किसी सीआरपीएफ जवान की होने की संभावना है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनके भाई धर्मेद्र सिंह विकासखंड मियागंज से निर्दलीय ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी हैं और नामांकन करा चुके हैं। आरोप लगाया कि सफीपुर विधायक बंबालाल लगातार पर्चा वापसी का दबाव बना रहे हैं। पर्चा वापस न लेने पर उनके इशारे पर पुलिस प्रशासन फर्जी मुकदमे लगाने का प्रयास कर रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को कई चक्रों में पुलिस उनके घर पहुंची। वहीं विधायक बंबालाल दिवाकर ने देवेंद्र के आरोपों को निराधार बताया है।
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