नवाबगंज। एक युवक के बुलाने पर उसके घर के सामने लगे विद्युत पोल पर फॉल्ट ठीक करने पहुंचा प्राइवेट विद्युत मैकेनिक करंट का तेज झटका लगने से पोल से नीचे गिर गया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। नायब तहसीलदार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। पत्नी ने पड़ोसी गांव के युवक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बाबाकुटी गांव निवासी वीरेंद्र यादव (33) पुत्र सोहनलाल प्राइवेट तौर पर बिजली मैकेनिक का कार्य करता था। शनिवार सुबह जनसार गांव निवासी अजय सिंह ने उसे घर के बाहर लगे पोल पर फॉल्ट ठीक करने के लिए बुलाया। सप्लाई चालू न होने से वीरेंद्र पोल पर चढ़कर फॉल्ट ठीक करने लगा। अचानक सप्लाई चालू होने से उसे करंट लगा और वह पोल से नीचे गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो परिजनों ने मुआवजे की मांग कर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर नायब तहसीलदार तनवीर हसन मौके पर पहुंचे और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा देकर परिजनों को शांत कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट से मौत की पुष्टि हुई है। मृतक की पत्नी कंचन ने जनसार गांव निवासी अजय सिंह के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ आरके शुक्ल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। वीरेंद्र की मौत से उसके दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। पत्नी व अन्य परिजनों का रोकर बुरा हाल है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता पंचम एके मिश्र ने बताया कि रोस्टर के हिसाब से सप्लाई बाधित हुई थी। नियमत: पोल पर विभाग के लाइनमैन शटडाउन लेकर फाल्ट ठीक करने के लिए चढ़ते हैं। कोई प्राइवेट व्यक्ति इस तरह का काम करता है तो विभाग इसका जिम्मेदार नहीं होता है और न ही उसे मुआवजा दिया जाता है।