उन्नाव। एडीजे व अधिवक्ता विवाद में उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की ओर से गठित जांच कमेटी ने लखनऊ में 11 वकीलों के बयान दर्ज किए। उन्नाव बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व अन्य आरोपी अधिवक्ताओं ने जांच कमेटी में शामिल कौंसिल के सह अध्यक्ष को प्रत्यावेदन देकर अपना पक्ष रखा। आरोप लगाया कि एडीजे की ओर से बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है।
बार कौंसिल की जांच कमेटी के समक्ष बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामशंकर सिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला, गिरीश मिश्रा, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद पाठक सहित 11 अधिवक्ताओं ने बयान दर्ज कराए। बार कौंसिल के प्रदेश सह अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल के लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय के जांच अधिकारी वरिष्ठ रजिस्ट्रार पंकज सिंह को दिए गए प्रत्यावेदन की प्रति भी सौंपी। बताया कि सभी अधिवक्ता 25 मार्च को जिला जज सैय्यद माउज बिन आसिम की मौजूदगी में हुए समझौते पर कायम हैं। इसलिए बार एसोसिएशन या अधिवक्ताओें की ओर से संबंधित प्रकरण में पुलिस में किसी प्रकार की शिकायत नहीं की गई। अपर जिला जज ने बेबुनियाद आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बार कौंसिल की ओर से गठित जांच कमेटी बुधवार को कचहरी आएगी और पूरे मामले की जांच करेगी।
जांच कमेटी में शामिल प्रशांत सिंह अटल ने इसकी जानकारी बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दी है। मालूम हो कि एडीजे और अधिवक्ताओं के बीच हुए विवाद की घटना के बाद 27 मार्च को उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के अध्यक्ष रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने जांच कमेटी गठित की थी। इसमें कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय यादव, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष व वर्तमान सह अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल शामिल हैं। जांच कमेटी बुधवार को यहां आएगी। यहां न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मियों से घटना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी लेगी।
बार कौंसिल की ओर से प्रकरण की जांच कर रहे जांच अधिकारी पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि घटना में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि एडीजे को भी सिर्फ उन्ही वकीलों के नाम बताने चाहिए जिन्होंने कानून के विपरीत आचरण किया। डेढ़-दो सौ वकीलों की पिटाई से काफी चोटें आनी चाहिए, जो नहीं है।उन्नाव बार एसोसिएशन ने आठ अधिवक्ताओं को चिह्नित कर निष्कासन की कार्रवाई शुरू की है। बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता हरसिंह बहादुर, चंद्रकिशोर मिश्र, अखिलेश कुमार शुक्ल, कुलदीप, चंदन, गुलाब सिंह, अनिल व अमित पटेल सहित अधिवक्ताओं को निष्कासन का नोटिस दिया है। 14 दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
एडीजे प्रहलाद टंडन के साथ हुई घटना के बाद सुरक्षा के लिए एक पुलिस गारद तैनात की गई है। एडीजे ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर कहा है कि उन्हें सुरक्षा से ज्यादा न्याय की जरूरत है। सुरक्षा गारद लेने का कोई औचित्य नहीं है। इसलिए वह इस सुरक्षा को वापस कर रहे हैं। लिखा है कि आशा है कि न्याय दिलाने में सहयोग करेंगे।
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