उन्नाव। जिला महिला अस्पताल की पैथोलॉजी में शुक्रवार रात नवजात बच्चे की जांच कराने पहुंची आशा से अस्पताल के कर्मचारी ने अभद्रता कर दी। आशा का आरोप है कि नशे में धुत कर्मचारी ने उसे और तीमारदार को कमरे में बंद कर दिया। उसके शोर मचाने पर दरवाजा खोला। इस दौरान लैब के अंदर हाथापाई भी हुई। धक्का लगने से सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन टूट गई। बवाल बढ़ने पर कर्मचारी लैब छोड़ भाग गया। पीड़ित आशा ने सीएमएस और जिला अस्पताल चौकी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।
गंगाघाट में तैनात आशा माया शुक्रवार रात निहालखेड़ा निवासी प्रिंसी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लाई थी। शुक्रवार रात प्रिंसी ने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्ची की जांच कराने के लिए आशा उसे लेकर पैथोलॉजी पहुंची। माया का आरोप है कि पैथोलॉजी में सन्नाटा था। वहां काम कर रहा युवक नशे की हालत में था। इस पर वह नवजात बच्चे और उसके परिजनों को लेकर वापस लौटने लगी। तभी पैथोलॉजी कर्मी ने दरवाजा बंद कर दिया। उसने विरोध किया तो अभद्रता करने के साथ हाथापाई करने लगा। तभी धक्का लगने से सीबीसी मशीन नीचे गिरकर टूट गई। तीमारदारों के शोर मचाने पर कर्मचारी ने दरवाजा खोल दिया। वह वहां से निकल लेबर रूम पहुंच गई। आरोप है कि पैथोलॉजी कर्मी दो अन्य युवकों के साथ वहां पहुंचा और हंगामा किया। डॉक्टर से शिकायत पर वह भाग निकला। शनिवार सुबह पीड़िता ने सीएमएस डॉ. अंजू दुबे और जिला अस्पताल चौकी प्रभारी रामजीत से शिकायत की है।