उन्नाव/असोहा। सई नदी पुल के पिलर में दरार आने के बाद वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। वाहनों को 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। सवारी वाहनों (रोडवेज भी शामिल) का किराया बढ़ गया है।
मौरावां-मोहनलालगंज मार्ग पर जबरेला गांव से सई नदी निकली है, जिस पर पुल बना है। इसी पुल से जनपद के लोग लखनऊ आते-जाते हैं। सई नदी पर बने इसी पुल के पिलर में दरारें आ गई हैं। पिछले दिनों लखनऊ पीडब्ल्यूडी से आए अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण किया था। दरारें देखने के बाद पुल से भारी वाहनों का आवागमन रोकने की संस्तुति की थी। इसके बाद अब हाईट गेज लगाकर पुल से वाहनों का आना-जाना रोका गया है। ऐसे में वाहनों को लखनऊ और उन्नाव आने के लिए 15 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
15 हजार यात्री करते आवागमन, किराये में बढ़ोतरी से परेशान
मौरावां से लखनऊ के लिए सरकारी और निजी बसों का संचालन होता है। इसमें रोडवेज की सात बसें शामिल हैं। क्षेत्र के विद्यार्थी और नौकरी करने वाले करीब 15 हजार लोग रोजाना आवागमन करते हैं। पुल बंद होने से अब लखनऊ आने-जाने वाले वाहनों को कालूखेड़ा से असोहा होते हुए धावापुर में बनी-मोहनलालगंज मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है। इसके अलावा, कालूखेड़ा से असरेंदा होते हुए निगोहा से आवागमन करना पड़ रहा है। इसी कारण यात्री बसों ने भी किराये में बढ़ोतरी कर दी है। मौरावां से लखनऊ 20 रुपये और कालूखेड़ा से लखनऊ के किराये में 23 रुपये की वृद्धि हुई है। यात्रियों का कहना है कि मौरावां दूर है। मौरावां रोडवेज स्टेशन प्रभारी आलम खान ने बताया कि बसें चक्कर काट कर जा रही हैं। इसलिए किराया बढ़ाया गया है।
यात्रियों की सुनिए
असवरीखेड़ा के राजू ने बताया कि पुल की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला जा चुका है। निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो सका है। इसको देखकर लगता है कि बढ़ा किराया ज्यादा दिन तक जेब ढीली करेगा।
कालूखेड़ा के नीरज का कहना है कि पुल बंद होने से परेशानी बढ़ गई है। लखनऊ रोजाना आना-जाता होता है। ऐसे में बढ़ा किराया परेशानी ही बढ़ाएगा। मांग की कि जल्द नए पुल की मरम्मत कराई जाए।