हादसे के बाद सड़क किनारे कमर में तमंचा लगाए पड़ा आरोपी।
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कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र के फेथफुलगंज मकान नंबर 327 निवासी राहुल सैनी मंगलवार दोपहर बाइक से उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग होते हुए मगरवारा की ओर जा रहा था। मगरवारा के पास गोकुलबाबा मंदिर गेट के पास उसकी बाइक एक साइकिल से टकरा गई।
टक्कर लगने से वह उछलकर सड़क पर जा गिरा। जिससे उसके चेहरे में गंभीर चोट आ गई। सड़क पर गिरने के दौरान उसकी शर्ट कमर से ऊपर उठ गए। हादसा देख भीड़ ने पास जाकर देखा तो उसकी कमर के दोनों ओर दो हैमर चढ़े तमंचे लगे थे।
जब तक भीड़ कुछ समझ पाती सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कमर में लगे तमंचों को कब्जे में लेकर पुलिस राहुल को जिला अस्पताल ले गई। जहां इलाज के बाद उसे पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया। राहुल ने बताया कि करीब 15 साल पहले जब वह पांच वर्ष का था उसके बड़े चाचा रामचंद्र सैनी ने छोटे चाचा बउवा की प्रापर्टी हड़पने के लिए उसे शराब में जहर देकर मार डाला था।
छोटे चाचा के शव को उसने अपनी आंखों से देखा था और बदला लेने की कसम खाई। उसने पुलिस को बताया कि उसकी मां ढाई साल पहले मर चुकी है। पिता व अन्य रिश्तेदार उससे कोई मतलब नहीं रखते। वह तन्हा जीवन जी रहा था। चचेरा भाई राकेश उसे अक्सर मार डालने की धमकी देता था।
जिस पर वह कई महीने पहले दिल्ली में रहकर नौकरी कर रहा था। उसने बताया कि पांच दिन पहले कानपुर लौटा था। मंगलवार को उसे पता चला कि चचेरा भाई राकेश सदर कोतवाली क्षेत्र के मगरवारा स्थित साढू के घर है।
जिस पर वह पूरी योजना बनाकर दो लोड तमंचे कमर में लगाकर व छह कारतूस जेब में डालकर मगरवारा को निकल पड़ा। उसने बताया कि सड़क हादसे का शिकार न होता तो चचेरे भाई की हत्या कर देता।