उन्नाव। कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों में गुरुवार को 24 घंटे के अंतराल में पांच और लोगों की सांसे धम गईं। मालूम हो कि बुधवार को 16 घंटे में 11 मरीजों की मौत होने से हड़कंप मच गया था। सीएमओ का कहना कि निमोनिया और सीने में गंभीर संक्रमण की वजह से मौत हुई है।
जिला प्रशासन ने नवाबगंज स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज को कोविड एल-टू अस्पताल बनाया है। जिले में कोरोना संक्रमित हो रहे लोगों को इसी अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
बुधवार शाम पांच बजे से गुरुवार शाम पांच बजे के बीच यहां भर्ती 5 और कोरोना संक्रमितों की मौत हो गई। इनमें माखी निवासी ननका (62) को 20 अप्रैल को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था बुधवार रात 12 बजे मौत हो गई। बांगरमऊ की 36 वर्षीय मंगला 18 अप्रैल को भर्ती कराया गया था बुधवार देर शाम उनकी मौत हो गई।
शहर के पुरानी बाजार निवासी शोभा निगम (63) का नौ दिन से कोविड अस्पताल में इलाज चल रहा था, गुरुवार दोपहर उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह 8:30 बजे भर्ती कराई गईं शुक्लागंज के श्रीनगर निवासी 48 वर्षीय किरन की मौत हो गई। बीघापुर निवासी गणेश प्रसाद 54 को बुधवार सुबह भर्ती कराया गया था। गुरुवार दोपहर को मौत हो गई।
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि जिन मरीजों की मौत हुई है उनकी हालत काफी गंभीर थी। निमोनिया और सीने में संक्रमण काफी ज्यादा था। काफी प्रयास किया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। सीएमओ ने बताया कि कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने बताया कि कोविड अस्पताल में 12 घंटे का बैकअप रिजर्व रहता है। उन्होंने माना कि अधिकांश कोविड मरीजों को अब ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है इससे सिलिंडर मिलने में दिक्कत हो रही है। लेकिन कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई दिक्कत नहीं है।
मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि जिले में सिर्फ एक कोविड एल-टू अस्पताल ही संचालित है। जबकि दूसरी लहर में जो लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं उन्हें कोविड एल-3 या एल-4 के अस्पताल में इलाज की जरूरत है। लोगों ने कहा कि जिस तरह से हालात बिगड़ रहे हैं उससे प्रशासन को पहले से ही इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए।
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