बारासगवर थाना क्षेत्र स्थित ननिहाल से लापता हुई कानपुर के चकेरी निवासी युवती का जबरन धर्मांतरण कराए जाने की शिकायत पर पुलिस हलाकान रही। बुधवार को बारासगवर थाना पहुंचे युवती के परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
एक फैक्ट्री कर्मी की 18 वर्षीय युवती सात जून को अपने ननिहाल बारासगवर आई थी। युवती की मां के अनुसार 12 जून को बेटी घर जाने की बात कहकर ननिहाल से कानपुर के लिए निकली, लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंची। खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला।
पांच दिन पहले बेटी ने फोन कर रोते हुए जान बचाने की बात कही। बताया कि चकेरी थाना क्षेत्र के ही एक वर्ग विशेष के युवक ने उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया और ननिहाल से अपने साथ लेकर चला गया। आरोपी जबरन उसका धर्मांतरण कराने का दबाव बना रहा है।
धर्मांतरण न करने पर उसने जान से मारने की धमकी देकर एक कमरे में बंधक बनाकर रखा है। बेटी इस बात की जानकारी नहीं दे सकी कि वह मौजूदा समय में कहां है। युवती की मां ने बताया कि वह सोमवार को मदद मांगने चकेरी थाने पहुंची थी।
पुलिस ने बारासगवर थाना क्षेत्र का मामला बताकर वहीं रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर चलता कर दिया। बुधवार को युवती की मां बारासगवर थाना पहुंची और एसओ राकेश कुमार सिंह को तहरीर देकर मदद मांगी। एसओ ने सीओ बीघापुर कृपाशंकर कनौजिया को मामले की जानकारी दी।
सीओ ने बताया कि मामला कानपुर का है। 18 दिन बाद परिजन सूचना देने आए हैं। दरोगा एमपी सिंह को जांच दी गई। उनकी जांच में युवती के ननिहाल में आने और 12 जून को उसके यहां से जाने की पुष्टि हुई है।
तहरीर के आधार पर युवती को भगा ले जाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है। युवती के मिलने व उसके बयान के आधार पर धर्मांतरण की धारा विवेचना में बढ़ाई जाएगी। युवती के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया है।