उन्नाव। फसल तबाही के चार माह बाद भी मुआवजा न मिलने पर किसान मंच ने धरना दिया। जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर जल्द मुआवजा दिलाए जाने और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की।
कलेक्ट्रेट के बाहर धरने में किसान मंच के नगर अध्यक्ष गोपाल महेश्वरी ने कहा कि जिले का किसान कराह रहा है लेकिन अन्नदाता की सुनने वाला कोई नहीं है। करीब चार माह पूर्व भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की 70 प्रतिशत से अधिक फसलें नष्ट हो गई थी।
उन्होंने जिला प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान रविंद्रनाथ, संजय, जयादेवी, संजना, कमला, तारा, श्यामादेवी, माधुरी, सुरेश, रमेश, रामखेलावन, जोकपाल, शिवराज, अमरेश, रामविलास, कैलाश, मुकेश, खुलासी, देवी प्रसाद, शिवशंकर, सियाराम, पंकज साहू, विजय पाल, सबान मलिक, शिव शंकर साहूू आदि मौजूद रहे।
उधर, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) टिकैत के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि शारदा नहर की पुरवा ब्रांच में जल्द से जल्द पानी छोड़ा जाए और चंडीगढ़ी पुल पर बने बंधे को तुड़वाया जाए। बांध लगा होने से किसानों को खेतों की सिंचाई करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान न हुआ तो वह लोग आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस समस्या के समाधान के लिए चार अगस्त को बीघापुर में आयोजित तहसील दिवस में शिकायत की जा चुकी है।