उन्नाव। नेशनल ई गवर्नेंस प्लान के अंतर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसमें जनता को गवर्नमेंट टू सिटीजन सर्विस, बिजनेश टू कस्टमर सर्विस, एजुकेशन सर्विस, फाइनेंस सर्विस सहित अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके लिए उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। चुनाव में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को वरीयता दी जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से सरकारी, निजी और सामाजिक क्षेत्र की सुविधाएं एक ही छत के नीचे दी जाएंगी। इसके लिए गांव और वार्डों में कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाएंगे। ये सेंटर राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से खोले गए सुविधा केंद्रों से अलग होंगे।
इन सेंटरों को खोले जाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से निर्देश मिलने के बाद जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के माध्यम से प्रोजेक्ट भी तैयार कर लिया है। भारत सरकार की ओर से ग्रामीण स्तर पर इस योजना को खोलने के उद्देश्य ग्रामीणों को स्वरोजगार का अवसर प्रदान करना है।
इस योजना के संचालन के लिए संचालनकर्ता को सेवाओं के बदले में कमीशन भी दिया जाएगा। सेवाओं के बदले में अलग-अलग कमीशन निर्धारित किया गया है।
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एस के निगम ने बताया कि होली के बाद से यह प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। आवेदक एनआईसी आकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
सेंटरों पर यह मिलेंगी सुविधाएं
इन सेंटरों में पेनकार्ड तथा पासपोर्ट के ऑनलाइन आवेदन के साथ-साथ केंद्र सरकार के प्रमाण पत्र, नेशनल ओपेन स्कूल में पढ़ाई बीमा, बैंकिंग रिजर्वेशन, आधार कार्ड, चिकित्सा सुविधा, खेती किसानी की जानकारी, जीवित होने के प्रमाण पत्र डीटीएच, मोबाइल बिल, ऑन लाइन मार्केटिंग आदि की सुविधाएं आम आदमी को मिल सकेंगी। इसमें कुछ के लिए शुल्क जमा करना होगा तो कुछ नि:शुल्क होंगी।